जनसुनवाई कलेक्टर का सख्त रुख: भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गिरेगी गाज

 डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के विभिन्न दूरस्थ अंचलों से आए नागरिकों ने अपनी व्यथा सुनाई। जनसुनवाई के दौरान कुल 98 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का निराकरण अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर करने के कड़े निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त सीईओ श्री पंकज जैन और एसडीएम सुश्री भारती मेरावी सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।


प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए कलेक्टर ने कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। ग्राम गोरखपुर के आवेदक कोमलचंद की पेंशन रुकी हुई थी, जिस पर तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराकर उनके खाते में राशि हस्तांतरित कराई गई। इसी प्रकार पडरिया कला के श्याम सिंह ठाकुर की पेंशन संबंधी समस्या की जांच में पाया गया कि उनकी राशि दूसरे बैंक खाते में जा रही थी, जिसका भ्रम दूर कर त्वरित निराकरण किया गया। ग्राम पंचायत गौरा कन्हारी की भग्गू बाई के पेंशन प्रकरण को भी गंभीरता से लेते हुए उनकी लंबित राशि खाते में जमा करवाई गई।

जनसुनवाई में किसान सम्मान निधि से जुड़े मामलों की भी भरमार रही। अनेक किसानों ने शिकायत दर्ज कराई कि पंजीयन होने के बावजूद तकनीकी त्रुटियों, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी न होने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इन आवेदनों के परीक्षण के निर्देश देते हुए संबंधित पोर्टल की त्रुटियों को दूर करने को कहा है ताकि पात्र हितग्राही अपनी किस्तों से वंचित न रहें। वहीं, ग्राम भुडकुर के बैगा परिवारों ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना की शेष किस्तें दिलाने की मांग की, जिस पर विभाग को शीघ्र कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।

भ्रष्टाचार और अनियमितता से जुड़े गंभीर मामलों पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्राम पंचायत मडियारास के ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर मनरेगा कार्यों और निर्माण कार्यों में लापरवाही के साथ-साथ एक चौंकाने वाला आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, 51 जीवित पुरुषों और महिलाओं का जेंडर पोर्टल पर बदलकर 'ट्रांसजेंडर' कर दिया गया है। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को तत्काल जांच और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम देवरी माल में चेक डैम और कुआं निर्माण में बरती गई गुणवत्ताहीनता की शिकायत पर भी जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

सामाजिक कुरीतियों और प्रताड़ना के एक मामले ने भी जनसुनवाई में ध्यान खींचा। ग्राम छपरा के निवासी रानी और अजय कछवाहा ने प्रेम विवाह करने के उपरांत समाज के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा एक लाख रुपये की मांग करने और छुआ-छूत जैसा भेदभावपूर्ण व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए एसडीएम शहपुरा को तीन दिन के भीतर जांच पूर्ण कर पीड़ित जोड़े को न्याय दिलाने का अल्टीमेटम दिया है। आंगनवाड़ी भर्ती में धांधली की शिकायत लेकर पहुंची अनीता भारतीया के मामले में भी विभाग को चयन सूची का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों के हक में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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