डिंडौरी जिले के बुजुर्गों के लिए आज का सूरज एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आया। मध्य प्रदेश की लोकप्रिय मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के 200 तीर्थयात्रियों का जत्था सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुआ। कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था, जहां अपनों को विदा करने आए परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू और बुजुर्गों के चेहरों पर महादेव के दर्शन की उत्सुकता साफ झलक रही थी।
यात्रा की शुरुआत केवल एक रवानगी नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित आयोजन की तरह दिखी। बस में सवार होने से पहले प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया, ताकि लंबी यात्रा के दौरान उन्हें कोई शारीरिक परेशानी न हो। इसके बाद कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम से लेकर परिसर तक का नजारा किसी धार्मिक उत्सव जैसा हो गया। विधायक ओमकार मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता सारस और कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया सहित तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का सम्मान किया। यात्रियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं और यात्रा के दौरान काम आने वाली जरूरी दवाओं की किट व नारियल भेंट कर उन्हें सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दी गईं।
इस जत्थे की खास बात इसकी चयन प्रक्रिया रही। जिले के सात विकासखंडों और नगरीय निकायों से आए हजारों आवेदनों में से पारदर्शिता के साथ 200 लोगों का चयन किया गया, जिनमें 132 पुरुष और 68 महिलाएं शामिल हैं। नोडल अधिकारी श्री वैधनाथ वासनिक ने बताया कि इन यात्रियों को पहले बस से शहडोल स्टेशन ले जाया गया, जहां से वे विशेष ट्रेन के जरिए सोमनाथ की यात्रा करेंगे। 21 जनवरी से शुरू हुआ यह भक्ति सफर 27 जनवरी तक चलेगा।
विदाई के वक्त जब जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर ने यात्रियों से संवाद किया, तो कई बुजुर्गों ने भावुक होकर सरकार का आभार जताया। उनका कहना था कि संसाधनों के अभाव में जो सपना वे सालों से देख रहे थे, वह अब साकार हो रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी और जनप्रतिनिधियों के स्नेह ने इस सरकारी योजना को एक पारिवारिक आयोजन में बदल दिया। जिले के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना वाकई में एक वरदान साबित हो रही है, जो उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें धर्म लाभ के साथ-साथ सम्मानजनक सफर का अवसर दे रही है।
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