डिंडोरी की बेटी कीर्ति चंदेल के लिए 'देवदूत' बना प्रशासन: कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की संवेदनशीलता से मिली जीवन की नई उड़ान

 डिंडोरी (रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला): मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य जिले डिंडोरी में आज मानवता और प्रशासनिक मुस्तैदी की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया।


 जिले के ग्राम पिपरिया की रहने वाली 25 वर्षीय कीर्ति चंदेल, जो लंबे समय से कमर के ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, उन्हें आज जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स (AIIMS) भोपाल भेजा गया। यह कदम न केवल एक बीमार बेटी के लिए उम्मीद की किरण बना, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का जीवंत प्रमाण भी पेश किया।

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कीर्ति के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। उनके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी लाडली का महंगा इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ थे। कीर्ति के भाई पुनु दास चंदेल ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व रायपुर मेडिकल कॉलेज में कीर्ति की सर्जरी की गई थी, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को जब कीर्ति की हालत बिगड़ी, तो उन्हें आनन-फानन में डिंडोरी जिला चिकित्सालय के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडे ने तत्काल जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया, जो अपनी संवेदनशीलता के लिए जिले में पहचानी जाती हैं, उन्होंने मामले को व्यक्तिगत प्राथमिकता पर लिया। उन्होंने तत्काल मध्य प्रदेश शासन और उच्च अधिकारियों से संपर्क साधा। शासन की त्वरित प्रतिक्रिया के फलस्वरूप केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम श्री' एयर एम्बुलेंस योजना के तहत कीर्ति को निशुल्क एयरलिफ्ट करने की मंजूरी मिल गई।

गुरुवार की सुबह जब एयर एम्बुलेंस डिंडोरी पहुंची, तो वहां का दृश्य भावुक कर देने वाला था। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचीं, बल्कि उन्होंने प्रोटोकॉल से परे जाकर स्वयं एयर एम्बुलेंस के भीतर प्रवेश किया। उन्होंने बिस्तर पर लेटी कीर्ति का हाथ थामकर उसका हौसला बढ़ाया और बड़ी बहन की तरह ढांढस बंधाते हुए कहा कि उसे बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार और प्रशासन उसके साथ है। कलेक्टर ने अपनी संवेदनशीलता की पराकाष्ठा तब दिखाई जब उन्होंने कीर्ति के परिजनों को अपना निजी मोबाइल नंबर साझा किया और आश्वस्त किया कि भोपाल में इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं।

इस रेस्क्यू मिशन को सफल बनाने में पायलट कैप्टन जे.एस. चौहान और कैप्टन संजय कुमार शर्मा की अहम भूमिका रही। कीर्ति के साथ उनके एक परिजन और विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज को भी भोपाल भेजा गया है ताकि रास्ते में किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इस दौरान हेलीपैड पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें एसडीएम सुश्री भारती मेरावी, एसडीओपी श्री सतीश द्विवेदी, तहसीलदार श्री शशांक और यातायात प्रभारी श्री सुभाष सहित स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा।

डिंडोरी जिले के नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने कलेक्टर और प्रदेश सरकार के इस मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना की है। यह घटना संदेश देती है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और सरकार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी हों, तो गरीब से गरीब व्यक्ति को भी सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। पूरा जिला अब अपनी बेटी कीर्ति के शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौटने की प्रार्थना कर रहा है।



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