सत्य प्रहार एक्सक्लूसिव: करोड़ों की 'कथित' संपत्ति और व्यवस्था के सवाल, क्या होगी निष्पक्ष जांच?

 सत्य प्रहार' की पड़ताल: चर्चाओं में है एक कंप्यूटर ऑपरेटर की 'असाधारण' प्रगति

डिंडौरी। किसी भी पारदर्शी व्यवस्था में जवाबदेही सबसे ऊपर होती है। लेकिन जब एक निश्चित मानदेय पर कार्यरत कर्मचारी की जीवनशैली और अर्जित संपत्तियों को लेकर जनचर्चाएं तेज हो जाएं, तो तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनपद पंचायत डिंडौरी इन दिनों एक ऐसे ही मामले को लेकर सुर्खियों में है, जहां एक कंप्यूटर ऑपरेटर की आर्थिक उन्नति 'कौतूहल और जांच' का विषय बनी हुई है।
RTI के जरिए सच खंगालने की कोशिश

इस संवेदनशील मामले में पूर्व में भी सूचना के अधिकार (RTI) का प्रयोग किया गया था, जिसमें मिली अधूरी जानकारी ने कई नए संदेहों को जन्म दिया है। अब 'सत्य प्रहार'  ने भी इस मामले की गहराई तक जाने के लिए अपनी ओर से विस्तृत RTI दाखिल कर दी है। हमें विभाग के आधिकारिक जवाब की प्रतीक्षा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नियुक्ति और मानदेय भुगतान के नियम क्या थे और वर्तमान स्थिति की वास्तविकता क्या है।


जिम्मेदारों की अनुपलब्धता से बढ़ा सस्पेंस

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक चर्चाओं पर संज्ञान लेते हुए हमारी टीम ने आज वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया। इस सिलसिले में जनपद CEO श्री प्रमोद ओझा से उनके कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्हें फोन के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे चर्चा नहीं हो सकी। एक गंभीर विषय पर जिम्मेदार अधिकारी का पक्ष न मिल पाना कई अनुत्तरित प्रश्नों को जन्म दे रहा है।

सत्य प्रहार के 'चुभते सवाल' (जिनका जवाब जनता चाहती है):

हमारी पड़ताल के दौरान प्रशासन और विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल खड़े हुए हैं:

  1. क्या एक निश्चित मानदेय पर कार्य करने वाले कर्मचारी की संपत्ति में अल्प समय में हुआ भारी इजाफा 'जांच का विषय' नहीं है?

  2. संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति किस प्रक्रिया (निविदा या विज्ञापन) के तहत हुई थी, और क्या उसके दस्तावेज सार्वजनिक हैं?

  3. क्या प्रशासन इस मामले में 'आय से अधिक संपत्ति' की जांच के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी को अधिकृत करेगा?

  4. पूर्व में मांगी गई RTI पर विभाग ने स्पष्ट और पूर्ण जानकारी देने में संकोच क्यों किया?

निष्कर्ष: पड़ताल अभी जारी है...

'सत्य प्रहार' किसी व्यक्ति विशेष पर सीधे आरोप लगाने के बजाय तथ्यों की खोज में विश्वास रखता है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन और व्यवस्था की शुचिता बनी रहे। विभाग से प्राप्त होने वाले आधिकारिक जवाब और हमारी टीम द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का अगला अंक जल्द प्रकाशित किया जाएगा।

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