गाड़ासरई में 'मौत' के साये में निर्माण: 11 KVA लाइन के नीचे बन रहा आशियाना, क्या MPEB और रसूखदारों के बीच हो गई है 'सेटिंग'?

 ब्यूरो रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला (सत्य प्रहार)

डिंडोरी जिले के गाड़ासरई नगर में बिजली विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जो कभी भी किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है। यहाँ कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर 11 KVA की हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के ठीक नीचे एक पक्के मकान का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि जिस रास्ते से विभाग के कर्मचारी और अधिकारी हर रोज गुजरते हैं, वहां उनकी नाक के नीचे मौत को दावत देता यह निर्माण कार्य चल रहा है और विभाग मौन साधे बैठा है। इस पूरे मामले को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं और लोग इसे विभाग की जानकारी में होने के बावजूद एक सोची-समझी 'सेटिंग' का हिस्सा मान रहे हैं।

नियमों के मुताबिक हाई-वोल्टेज लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि यहाँ जरा सी चूक पूरे परिवार और आसपास के क्षेत्र को खाक कर सकती है। जब 'सत्य प्रहार' की टीम ने इस गंभीर विषय को लेकर गाड़ासरई के जेई (JE) श्रीकांत जी से बात की, तो उन्होंने बड़े ही सामान्य ढंग से जवाब दिया कि मामला संज्ञान में आया है और वे इसे 'देखेंगे' और कार्यवाही करेंगे। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब निर्माण कार्य अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है, तब तक विभाग किस आदेश का इंतजार कर रहा है? क्या विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है, जिसके बाद कागजी खानापूर्ति की जाएगी?

लापरवाही का आलम यह है कि जब उच्चाधिकारियों से इस विषय पर स्पष्टीकरण लेने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया और भी निराशाजनक रहा। विभागीय ईई (EE) श्री आर. के. बघेल को मामले की जानकारी देने और उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन साहब ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों की यह चुप्पी और फोन न उठाना कहीं न कहीं इस बात की ओर इशारा करता है कि विभाग इस अवैध और जानलेवा निर्माण को मूक सहमति दे चुका है।

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता साफ झलक रही है। एक तरफ आम जनता को छोटे-छोटे नियमों के लिए परेशान किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ 11 KVA जैसी खतरनाक लाइन के नीचे हो रहे इस जानलेवा निर्माण पर अधिकारियों ने अपनी आँखें मूंद ली हैं। 'सत्य प्रहार' इस मामले को यहीं नहीं छोड़ेगा। जनहित और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अब इस पूरे मामले को आगामी सोमवार को जिला कलेक्टर के समक्ष पेश किया जाएगा। अब देखना होगा कि जिले के मुखिया के हस्तक्षेप के बाद इस 'अजब खेल' में शामिल दोषियों पर क्या गाज गिरती है।


इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ वीडियो में देखें:


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