कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (Time Limit) बैठक में जिले में संचालित सभी महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं और विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने और जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीएम सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम हेल्पलाइन और प्रमुख योजनाओं पर त्वरित एक्शन
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों के शीघ्र और संतोषजनक निराकरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जनहित से जुड़े मामले लंबित नहीं रहने चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं—खासकर पीएम जनमन योजना और सीपी ग्राम—के तहत स्वीकृत और प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी रुकावट के पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
उपार्जन, स्वच्छता और निर्माण कार्यों की स्थिति
बैठक में रबी सीजन की तैयारियों और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की गई:
उपार्जन व्यवस्था: जिले में धान, कोदो-कुटकी उपार्जन की वर्तमान स्थिति, उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और नरवाई प्रबंधन की कार्रवाई पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
स्वच्छता अभियान: स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा हुई। कलेक्टर ने सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकास परियोजनाएं: नगरीय क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्वीकृति, आवंटन और प्रगति का जायजा लिया गया। सांदीपनि विद्यालय भवन और निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
अवैध उत्खनन और आश्रम व्यवस्था पर फोकस
श्रीमती भदौरिया ने जिले में कानून व्यवस्था और सामाजिक कल्याण से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया:
खनिज संरक्षण: उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त और निर्णायक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व हानि को रोका जा सके।
सामाजिक कल्याण: छात्रावासों एवं आश्रमों में रह रहे विद्यार्थियों के लिए आवश्यक भोजन, आवास एवं सुरक्षा की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मानव संसाधन: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया और परख एप्लीकेशन के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
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