डिंडोरी। मोहन सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, डिंडोरी जिले की प्रभावी मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास विभाग की राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी का आगमन 14 दिसंबर, 2025 को हुआ। जिले में विकास की नई उम्मीदें लेकर आईं मंत्री बागरी ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक विस्तृत पत्रकार वार्ता को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने न केवल प्रदेश बल्कि डिंडोरी जिले की उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया।
डिंडोरी को विकास की नई उम्मीद: मंत्री प्रतिमा बागरी ने उपलब्धियों का ब्यौरा दिया
पत्रकार वार्ता की शुरुआत में, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले की विशेष उपलब्धियां गिनाईं। कलेक्टर भदौरिया ने बताया कि डिंडोरी जिला शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। हाल ही में जिले ने कक्षा 5वीं की वार्षिक परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके द्वारा और भी उपलब्धियां गिनाई गईं, जिनमें जिला चिकित्सालय का 100 से 200 बिस्तरों में उन्नयन, 50-बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ सेंटर और 59 नवीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निर्माण शामिल रहा।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा जनजाति के समग्र विकास के लिए किए गए कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 32 नई आंगनवाड़ियां, 902 घरों का विद्युतीकरण और 8021 आवासों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दो वर्षों में 23,247 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर घर-घर स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया है।
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✅ राज्य की उपलब्धियां और 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष'
मंत्री श्रीमती बागरी ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि सरकार ने वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' घोषित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव लाने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है, जिसके लिए 'एमपी इंवेस्ट पोर्टल 3.0' लॉन्च किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि नक्सल प्रभावित जिले में विकेन्द्रीक्रत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया गया है, और विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, सहरिया) के युवाओं को सेना और पुलिस में भर्ती के लिए प्रशिक्षित करने हेतु बटालियनें गठित की जाएंगी। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 11.46 लाख आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा।
🚧 स्थानीय मुद्दों पर तीखे सवाल, पर्यटन पर बड़ा आश्वासन
उपलब्धियों की चर्चा के बाद, पत्रकारों ने जिले की स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। लॉ कॉलेज की यूनिट, पिछले 6 सालों से अटकी हुई सीवर लाइन की समस्या और नगर परिषद द्वारा बनाए जा रहे कॉम्प्लेक्स में हो रही लेट-लतीफी जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
अभिलाष शुक्ला ने जिले में रोज़गार की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए सुझाव दिया कि डिंडोरी की प्राकृतिक सुंदरता, जिसमें घुघवा राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान जैसे स्थल हैं, को पर्यटन के पटल पर रखा जाना चाहिए। यदि डिंडोरी को कान्हा-बांधवगढ़ कॉरिडोर का हिस्सा बनाया जाता है, तो यह रोज़गार सृजन के लिए एक बेहतरीन क्षेत्र बन सकता है। इसपर मंत्री श्रीमती बागरी ने आश्वासन दिया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और इस पर एक विस्तृत योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा।
मंत्री ने जिला प्रशासन की एक विशेष पहल 'पंखिनी' की सराहना की, जिसके माध्यम से जिले की बालिकाओं को निःशुल्क कोचिंग और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
जिले का गौरव: इस अवसर पर 'मिलेट क्वीन' लहिरी बाई और 'वाटर वॉरियर' उजियारो बाई के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने पर मंत्री ने पूरे जिले को बधाई दी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रूद्रेश परस्ते, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री चामरू सिंह नेताम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनीं सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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