मेंहदवानी विकासखंड में आयोजित "प्रशासन गाँव की ओर" लोक कल्याण शिविर एवं सह रोजगार मेला सफल रहा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना था। शिविर में कुल 1583 लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जबकि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण मिलते ही उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया।
सांसद और विधायक रहे मौजूद
लोक कल्याण शिविर में सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते और शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनके साथ जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, जनपद अध्यक्ष श्री रामप्रसाद तेकाम, श्री महेश धुमकेती एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन से अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव और अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत श्री पंकज जैन सहित समस्त विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता की राह
शिविर के दौरान, दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र सहित अन्य सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इन उपकरणों से उन्हें दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा मिलेगी और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। यह पहल संवेदनशील एवं समावेशी प्रशासन की सोच को साकार करती दिखाई दी।
जनप्रतिनिधियों ने की पहल की सराहना
सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि मेंहदवानी में आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने सिंचाई, विद्युत, जनमन आवास, वृद्धा पेंशन, उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य और स्वरोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को केंद्रित करते हुए जिला प्रशासन द्वारा जनपद स्तर पर लगातार शिविर आयोजित किए जाने की पहल की सराहना की।
शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने इस मंच को जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होता है।
जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने कहा कि शासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण अंचलों के अंतिम व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले।
विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए ग्रामीण
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार निवास करते हैं, इसलिए योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाना सबकी जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में प्रत्येक शनिवार लोक कल्याणकारी शिविरों का आयोजन कराया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
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