डिंडौरी: जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते और सीईओ दिव्यांशु चौधरी के बीच चल रहा गतिरोध अब एक नए और बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, जिला पंचायत परिसर में कल देर शाम धरने पर बैठे अध्यक्ष को प्रशासन द्वारा बलपूर्वक हटा दिया गया था, जिसके बाद आज सुबह वे फिर से स्व-सहायता समूह की महिलाओं के साथ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए।
आज दोपहर जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते के नेतृत्व में समूहों की महिलाएं "एक बगिया में के नाम" योजना में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए ज्ञापन सौंपने जिला कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। सूत्रों के अनुसार, जिस समय अध्यक्ष वहां पहुंचे, जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया मेंहदवानी विकासखंड के दौरे पर थीं। कलेक्टर वहां ग्राम पंचायत भलवारा और सुखलोंड़ी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा ले रही थीं और दनदना जलाशय पर किसानों से संवाद कर रही थीं।
कलेक्टर की अनुपस्थिति में अध्यक्ष और उनके साथी कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। सूत्रों के अनुसार, बिना किसी पूर्व अनुमति के धरना देने और नारेबाजी करने के इस मामले को प्रशासन ने अनुशासनहीनता माना है। इसके चलते शाम लगभग 4 बजे एसडीएम भारती मेरावी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
इस पूरी घटना के बाद जिले में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब देखना यह होगा कि नोटिस मिलने के बाद अध्यक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
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