भोपाल | विशेष रिपोर्ट
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के दो सबसे बड़े वर्गों— महिलाओं और युवाओं— के लिए एक साथ बड़ा ऐलान करके राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधानसभा के पटल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार का विजन केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि 2047 तक के रोडमैप पर काम शुरू हो चुका है। इस मास्टरस्ट्रोक के तहत जहाँ लाड़ली बहना योजना की राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के संकेत दिए गए हैं, वहीं बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का पिटारा खोल दिया गया है।
बहनों के लिए ₹5000 का लक्ष्य: कब और कैसे हुई घोषणा?
बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान जब विपक्षी दलों ने लाड़ली बहना योजना के भविष्य पर सवाल उठाए, तो मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दहाड़ते हुए जवाब दिया। उन्होंने सदन में कहा कि विपक्ष जिस 3000 रुपये की बात कर रहा है, उनकी सरकार उससे कहीं आगे जाकर बहनों को ₹5000 प्रति माह देने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि अचानक नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। वर्तमान में बहनों को मिल रहे 1500 रुपये को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर लाड़ली बहन आर्थिक रूप से इतनी सशक्त हो जाए कि उसे किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।
युवाओं के लिए रोजगार का मेगा प्लान: ढाई लाख पदों पर भर्ती
इसी संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार रोजगार के मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है। सीएम ने खाका पेश करते हुए बताया कि:
तत्काल भर्ती: अगले एक साल के भीतर 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।बड़ा लक्ष्य: अगले पांच साल यानी 2028 तक कुल ढाई लाख सरकारी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "संकल्प पत्र" में किया गया हर वादा सरकार के लिए पवित्र है और 2028 तक इन सभी वादों को जमीनी स्तर पर उतार दिया जाएगा।
क्यों और कहाँ से आएगा इतना बजट?
सदन में जब विपक्ष ने बजट को लेकर घेरा, तो मुख्यमंत्री ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सरकार के पास 2047 तक का विजन रोडमैप तैयार है। उन्होंने साफ किया कि यह केवल चुनावी घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की एक सोची-समझी रणनीति है। सरकार का मानना है कि जब बहनों के हाथ में पैसा आएगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा, तो प्रदेश की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे राज्य का राजस्व भी स्वतः बढ़ेगा।
नए रजिस्ट्रेशन और आगामी चुनाव का कनेक्शन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 में होने वाले निकाय चुनावों और उसके बाद 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह एक बड़ा राजनीतिक दांव है। हालाँकि, जो महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाई हैं, वे 'लाड़ली बहना 2.0' के पोर्टल खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही नए पात्र हितग्राहियों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है।
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