डिंडोरी पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक अनूठी और सराहनीय पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह के निर्देशन में मध्यप्रदेश शासन की तकनीकी सहायता से संचालित 'सृजन कार्यक्रम' के अंतर्गत स्कूली बच्चों को रक्षित केंद्र डिंडोरी का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना और उनके मन से पुलिस का भय दूर कर विश्वास जगाना था।
शाखाओं का भ्रमण और पुलिसिंग की समझ
भ्रमण के दौरान बच्चों ने रक्षित केंद्र की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बच्चों को पुलिस के दायित्वों, दैनिक कार्यों और विभाग की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रक्षित निरीक्षक श्री कुंवर सिंह ओलाडी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के जिज्ञासु सवालों के जवाब दिए और बताया कि कैसे पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहती है।
विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक समझ पर भी जोर दिया गया। प्रदीपन संस्था (NGO) से श्री अजीत बेलिया और जनसाहस (NGO) की टीम ने बच्चों को विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया। इस सत्र का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता पैदा करना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना था।
सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन
बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र पुलिस द्वारा आपातकालीन स्थितियों में उपयोग किए जाने वाले उपकरण और संसाधन रहे। बच्चों को सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी संसाधनों के बारे में बताया गया। साथ ही, उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने, कानून का सम्मान करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
"डिंडोरी पुलिस की यह पहल बच्चों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और भविष्य की पीढ़ी को सशक्त व जागरूक बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।" > — पुलिस प्रशासन, डिंडोरी
'सृजन' कार्यक्रम के माध्यम से डिंडोरी पुलिस ने न केवल बच्चों को शिक्षित किया, बल्कि पुलिस और जनता के बीच के समन्वय को और मजबूत करने का प्रयास किया है। यह पहल आने वाले समय में बच्चों को एक सजग और कानून का पालन करने वाला नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
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