डिंडौरी | 22 दिसंबर, 2025 डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज समय-सीमा (TL) की बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया का सख्त और दूरदर्शी अंदाज देखने को मिला। जिले के विकास और जनहित के मुद्दों पर मैराथन समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जहाँ उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों की पीठ थपथपाई, वहीं अवैध गतिविधियों और विभागीय ढिलाई पर सख्त चेतावनी भी जारी की।
सीएम हेल्पलाइन में डिंडौरी की बड़ी छलांग, प्रदेश में मिला छठा स्थान
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का त्वरित निराकरण रही। नवंबर 2025 में जिले ने 85 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान कर प्रदेश के वेटेज स्कोर में 6वां स्थान हासिल किया है। इस शानदार उपलब्धि पर कलेक्टर ने जल संसाधन, नगर पालिका, राजस्व और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के 15 से अधिक अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
एनीमिया मुक्त डिंडौरी: स्कूल-छात्रावासों में चलेंगे जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने न्यूट्रीशियन इंटरनेशनल की पीपीटी समीक्षा के बाद कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी दुकानों से मिलने वाले फोर्टिफाइड चावल और नमक एनीमिया से लड़ने में मददगार हैं। इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी स्कूलों, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अनिवार्य रूप से बैनर-पोस्टर लगाए जाएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास और जनजातीय कार्य विभाग को छात्रों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने को कहा।
अवैध उत्खनन पर 'जीरो टॉलरेंस' और उद्योगों का 'विजिट प्लान'
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने जिले के संसाधनों की लूट बर्दाश्त न करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने उद्योग प्रबंधक को पिछले 2 वर्षों से संचालित सफल इकाइयों की सूची बनाने को कहा, ताकि मीडिया और विशेषज्ञों के साथ उनकी सफलता की कहानियों को शासन तक पहुँचाया जा सके।
27 दिसंबर को अमरपुर में सजेगा जनकल्याण का शिविर
कलेक्टर ने आगामी 27 दिसंबर 2025 को अमरपुर विकासखंड में आयोजित होने वाले विशाल 'स्वास्थ्य एवं स्वरोजगार शिविर' की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों को इस शिविर से जोड़ें ताकि उन्हें एक ही छत के नीचे शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
इन मुद्दों पर भी रही कड़ी नजर:
राजस्व मामले: नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
स्वच्छता: स्कूलों और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई।
यातायात व्यवस्था: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और नो-एंट्री नियमों के पालन पर जोर।
निर्माण कार्य: सांदीपनि विद्यालय और आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित जिले के सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि अब जिले में काम न करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं होगी।
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