डिंडोरी (सत्य प्रहार)। जिले के बच्चों और किशोर-किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनमें आत्मरक्षा का भाव जगाने के लिए डिंडोरी पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत “सृजन कार्यक्रम” का आयोजन किया गया।
कानून की सरल पाठशाला: इस विशेष सत्र के दौरान महिला उपनिरीक्षक श्रीमती गंगोत्री तुरकर ने उपस्थित बच्चों को POCSO अधिनियम (बच्चों के संरक्षण का कानून) और महिलाओं से संबंधित अपराधों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बेहद सरल और प्रभावी ढंग से समझाया कि बच्चे अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस की मदद कैसे ले सकते हैं।
आत्मरक्षा और नैतिक मूल्यों पर जोर: सृजन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को लैंगिक समानता, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति सशक्त बनाना है। कार्यक्रम में मौजूद प्रभारी रक्षित निरीक्षक श्री कुंवर सिंह ओलाडी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को समाज में एक जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा भरोसा: डिंडोरी पुलिस की इस पहल को सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का डर खत्म होगा, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय भी मजबूत होगा। पुलिस अधीक्षक की इस दूरदर्शी सोच की अब जिले भर में सराहना हो रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट: सत्य प्रहार, डिंडोरी
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