डिंडौरी, 23 दिसंबर 2025: जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार की सुबह जब जनसुनवाई शुरू हुई, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि प्रशासन के भीतर पनप रहे भ्रष्टाचार का एक बड़ा खुलासा होने वाला है। विकासखंड बजाग के अंतर्गत ग्राम सुमपुरी की रहने वाली कुमारी भदिया कोठी ने कलेक्टर के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए एक ऐसा मामला पेश किया, जिसने विभाग में हड़कंप मचा दिया।
शिकायत के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय बजाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2, श्रीमती मधुबाला परस्ते ने आवेदिका को नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया था। इस झांसे में आकर आवेदिका ने उन्हें एक बड़ी धनराशि सौंप दी। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली, तो आवेदिका ने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन श्रीमती परस्ते ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। आवेदिका ने केवल मौखिक आरोप नहीं लगाए, बल्कि सबूत के तौर पर डिजिटल ट्रांजेक्शन और लेन-देन से जुड़े पुख्ता दस्तावेज़ और शपथपत्र भी प्रशासन को सौंपे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इसे लोकसेवक की गरिमा के विरुद्ध एक अशोभनीय कृत्य माना। उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया और श्रीमती मधुबाला परस्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
निलंबन की इस अवधि में श्रीमती परस्ते का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय करंजिया तय किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कड़ी कार्रवाई के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।

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