डिंडौरी, 23 दिसंबर 202
5: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता का एक बड़ा मामला डिंडौरी जिले में सामने आया है। विकासखंड शहपुरा में योजना की प्रोत्साहन राशि के वितरण में हो रहे फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इस पूरे मामले की परतें खोलने की तैयारी कर ली है।
मामले की शुरुआत 16 दिसंबर 2025 को आयोजित जनसुनवाई के दौरान हुई, जब कुछ आवेदकों ने शहपुरा क्षेत्र में आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली राशि में गंभीर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने प्रारंभिक स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) शहपुरा, डॉ. सत्येंद्र परस्ते को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, डॉ. परस्ते द्वारा प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण प्रशासन को संतोषप्रद नहीं लगा।
प्रकरण की गंभीरता और योजना की गरिमा को देखते हुए कलेक्टर ने अब एक व्यापक और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा, श्री ऐश्वर्य वर्मा की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में एसडीएम के साथ जिला पेंशन अधिकारी श्री साकेत जैन, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी और जिला आयुष्मान समन्वयक श्री गौरव ठाकुर को शामिल किया गया है।
यह समिति अब शहपुरा विकासखंड में आयुष्मान योजना के तहत हुए तमाम लेन-देन, लाभार्थियों की सूची और प्रोत्साहन राशि के वितरण की बारीकी से जांच करेगी। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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