डिंडोरी, मध्य प्रदेश। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कें ग्रामीण विकास की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन डिंडोरी जिले में इन सड़कों की स्थिति विभाग की लापरवाही को उजागर कर रही है। डिंडोरी-अमरकंटक मार्ग से जुड़ने वाले पथराकूचा ग्राम पैकेज क्रमांक MP12PTN032 के अंतर्गत आने वाली सड़क की हालत बेहद दयनीय हो गई है। सड़क पर गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ सतह देखकर यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है कि इस पर शायद ही कभी कोई रखरखाव (Maintenance) का काम हुआ हो।
जब इस मामले में एमपीआरआरडीए (MPRRDA) के जिला कार्यालय से संपर्क किया गया, तो स्टाफ ने बताया कि उक्त मार्ग इंजीनियर संजय वर्मा के अधीन है। इंजीनियर वर्मा का पक्ष जानने के लिए उनके कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं मिले। उन्हें कई बार फोन भी लगाया गया, किंतु उन्होंने फोन नहीं उठाया।
विभाग के इस रवैये से यह स्पष्ट होता है कि ज़मीनी समस्याओं के प्रति अधिकारियों का कितना उदासीन रवैया है।
कब सुधरेगी स्थिति? सवाल पूरे जिले का
पथराकूचा मार्ग की बदहाली केवल एक उदाहरण नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पूरे डिंडोरी जिले में PMGSY की सड़कों का लगभग यही हाल है। अब देखना यह है कि यह ख़बर छपने के बाद क्या इस मार्ग की स्थिति बदलेगी? क्या विभाग आखिरकार जागेगा और जनता को राहत मिलेगी?
जनता यह जानने का इंतजार कर रही है कि इन सड़कों के रखरखाव के लिए आवंटित फंड आखिर कहाँ जा रहा है और क्यों इंजीनियर्स जवाबदेही से बच रहे हैं।
🙏 जनता से अपील:
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