डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभागार में आज आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में प्रशासन का एक बेहद संवेदनशील और सख्त चेहरा देखने को मिला। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल निर्देशन में आयोजित इस सुनवाई में जिले के दूर-दराज के इलाकों से अपनी समस्याएं लेकर आए 69 नागरिकों की फरियाद सुनी गई। सत्य प्रहार की टीम ने देखा कि कैसे कलेक्टर ने न केवल समस्याओं को सुना, बल्कि कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट फैसला सुनाकर जनता का दिल जीत लिया।
इस जनसुनवाई का सबसे भावुक पल तब आया जब मेहंदवानी विकासखंड के ग्राम बर्रई से आए दिव्यांग श्री चिरौंजी दास बघेल ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के सामने ट्राई-साइकिल की मांग रखी। मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए कलेक्टर ने बिना एक पल की देरी किए सामाजिक न्याय विभाग को आदेश दिए और मौके पर ही उन्हें ट्राई-साइकिल प्रदान की गई। साइकिल पाकर चिरौंजी दास के चेहरे पर जो संतोष दिखा, वह प्रशासन की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहा था।
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सिर्फ सहायता ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही पर भी कलेक्टर का कड़ा रुख देखने को मिला। ग्राम शीतलपानी के एक बैगा परिवार ने जब पीएम जनमन योजना के तहत आवास न मिलने की शिकायत की, तो कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को तत्काल लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसी तरह प्रेमपुर के लच्छु सिंह की रुकी हुई आवास की किस्त को लेकर भी उन्होंने समय-सीमा निर्धारित कर दी।
न्याय की उम्मीद लेकर पहुँची झुरकीटोला प्राथमिक शाला की रसोइया श्रीमती द्रौपती राठौर की कहानी सुनकर भी अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। द्रौपती ने आरोप लगाया कि षड्यंत्रपूर्वक उन्हें कार्य से पृथक किया गया है, जिस पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। वहीं 25 वर्षों से अपने हक के पट्टे के लिए संघर्ष कर रहे आमडोंगरी निवासी बिगारी और अपनी दिवंगत पत्नी की बीमा राशि के लिए भटक रहे शिवराज मरावी को भी आज कलेक्टर की चौखट से न्याय का ठोस आश्वासन मिला।
अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव और जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसुनवाई में आए हर आवेदन का निराकरण गुणवत्ता के साथ समय पर होना चाहिए।
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