मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया बोलीं: " दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"

 डिंडोरी। सत्य प्रहार द्वारा मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) में उजागर की गई गंभीर अनियमितताओं और विसंगतियों (जैसे बंद पड़ी लैब , अनुबंधों की अचानक समाप्ति) का तत्काल असर हुआ है। जिले की मुखिया कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने हमारी विस्तृत रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है और मामले की उच्च-स्तरीय जाँच का आश्वासन दिया है।

🤝 जनता के सवालों पर मिला प्रशासनिक भरोसा

सत्य प्रहार ने अपनी रिपोर्ट में एक दर्जन से अधिक सड़कों के अनुबंध समाप्त होने, परियोजना अभियंताओं की भूमिका पर संदेह, और गुणवत्ता नियंत्रण लैब के बंद होने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को कलेक्टर महोदया के समक्ष रखा था।

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जनहित के मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा:                    कलेक्टर का वीडियो बाइट:

कलेक्टर के संज्ञान के बाद अब MPRRDA की कार्यप्रणाली में पाई गई विसंगतियों की जाँच में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल होंगे:

लैब का रहस्य: बंद पड़ी गुणवत्ता नियंत्रण लैब की वास्तविक स्थिति और उससे जारी हो रही टेस्टिंग रिपोर्टों की प्रमाणिकता की जाँच।

इंजीनियरों की भूमिका: अचानक अनुबंध समाप्त होने वाले मार्गों के निर्माण और रखरखाव के दौरान परियोजना अभियंताओं की भूमिका की गहन समीक्षा।

सिंडिकेट की आशंका: कथित सिंडिकेट के माध्यम से अवैध लेनदेन और ईमानदारी से काम करने वाले ठेकेदारों पर दबाव बनाने की आशंकाओं की जाँच

गुणवत्ता निगरानी: NQM (नेशनल क्वालिटी मॉनिटर्स) द्वारा जारी रिपोर्टों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर की जाँच।

यह जनता की आवाज़ और सत्य प्रहार की खबर का ही परिणाम है कि कलेक्टर महोदया से जाँच का आश्वासन मिला है। हम इस जाँच पर लगातार नज़र बनाए रखेंगे। आपसे अपील है: इस मुद्दे से जुड़ी या अपने इलाके के भ्रष्टाचार की कोई भी खबर हो, तो हमें भेजिए। आपका नाम गुप्त रखा जाएगा।  

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