पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन तथा खेल और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में डिंडोरी के प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बालिकाओं के बीच निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को नशे के खिलाफ जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक श्री बी.एल. बड़खड़े ने बालिकाओं के बीच पहुंचकर विस्तार से समझाया कि नशा न केवल मानव शरीर को अंदर से खोखला कर देता है, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को भी पूरी तरह बर्बाद कर देता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने मोहल्ले, कॉलोनी या आसपास के क्षेत्र में नजर रखें और यदि कहीं भी इस तरह का माहौल दिखाई दे, तो लोगों को ऐसा करने से रोकें और उन्हें नशे से दूर रहने की समझाइश दें।
इस अवसर पर आरक्षक श्री विशाल (168) और जिला कोच कु. आरती सोंधिया ने खेल और जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि जीवन में बड़ी सफलता हासिल करनी है और एक अच्छा खिलाड़ी बनना है, तो पूरी तरह अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा तथा उन लोगों व संगति से हमेशा दूर रहना चाहिए जो गलत रास्ते पर ले जाने का प्रयास करते हैं। हमेशा मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखना ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित बालिकाओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में छात्रावास अधीक्षिका ज्योति परस्ते, संजू झरिया और सरस्वती परस्ते का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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