कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल निर्देशन में बुधवार 22 जुलाई 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला जनसंपर्क कार्यालय डिंडौरी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सहायक आयुक्त संगठन (एसीओ) श्री पंकज जैन, जिला समन्वयक सुश्री संगीता सोनी, स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक समन्वयक सहित 3000 से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना था। इस दौरान प्रतिभागियों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने ग्राम पंचायत स्तर पर कचरे को चार प्रमुख श्रेणियों में पृथक्करण कर उसका सुरक्षित संग्रहण करने, कचरे के सुव्यवस्थित परिवहन तथा वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से इसके निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में सभी को विस्तार से समझाइश दी।
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्राम पंचायतों में वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी अधोसंरचनाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। इसके साथ ही गांवों में स्वच्छता की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने और शासन के इन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए, ताकि डिंडौरी जिले के ग्रामीण अंचल को पूरी तरह स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
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