डिंडोरी।
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यशाला का सफल आयोजन संपन्न हुआ। जिला प्रशासन के अंतर्गत जिला पंचायत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
डिंडोरी से हुई एक नए नवाचार की शुरुआत
इस पूरे कार्यक्रम की सबसे खास और महत्वपूर्ण बात यह रही कि डिंडोरी से एक नई तरह की सोच और नवाचार की शुरुआत हुई है। इस अनूठे विचार और नवाचार की मुख्य सूत्रधार जिले की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया हैं। उनकी इस दूरदर्शी पहल के कारण ही जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला जहाँ एक ही मंच और एक ही छत के नीचे जिले की समस्त निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियाँ और जिला प्रशासन की महिला अधिकारी व कर्मचारी एक साथ एकत्र हुईं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य: आत्मविश्वास, अनुभव साझा करना और आत्मनिर्भरता
इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सामाजिक व प्रशासनिक जागृति लाना, उनके भीतर आत्मविश्वास को जगाना और एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करना रहा। इसके साथ ही कार्यशाला के माध्यम से महिला जनप्रतिनिधियों को नशा मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महिला सशक्तिकरण तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोजन का मुख्य ध्येय यही रहा कि महिला जनप्रतिनिधि इन योजनाओं को समझकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुँचाएँ और जनजागरूकता बढ़ाएँ। जब महिलाएँ अपने अनुभवों को आपस में साझा करेंगी, तो उनकी क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा सकेंगी।
"नारी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति" — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया
डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने उपस्थित जनसमूह को भावुक एवं प्रेरणादायक अंदाज में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नारी कमजोर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। आज की महिलाएँ अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता से हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
कलेक्टर भदौरिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं पहले एक महिला हैं और उसके बाद एक प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर कई महिलाएँ अपनी समस्याओं को लेकर असमंजस में रहती हैं कि वे कहाँ जाएँ, इसलिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है ताकि वे अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं से भली-भांति अवगत हो सकें। उन्होंने लैंगिक समानता पर जोर देते हुए अपने जीवन का उदाहरण दिया कि उनके पिता ने अपनी चार संतानों में कभी भेदभाव नहीं किया, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का समान अवसर मिला और आज वे कलेक्टर के पद पर सेवा दे रही हैं।
कानूनी अधिकार, पॉक्सो एक्ट और निःशुल्क विधिक सहायता पर मंथन
कार्यशाला में महिलाओं के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और संवैधानिक प्रावधानों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश श्री मुग्धा कुमार ने महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों तथा लैंगिक समानता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के यौन शोषण की रोकथाम के प्रति सचेत रहने की अपील की और बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए कानूनन अपराध करार दिया।
इसी क्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका तारन ने बताया कि जो नागरिक आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता और एडवोकेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशीष खरे ने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न पर तुरंत पुलिस का सहयोग लेने का आह्वान किया।
जनकल्याणकारी योजनाएँ और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
कार्यशाला के दौरान महिला एवं बाल विकास, श्रम, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस ने कहा कि शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर भी लगाया गया, जिसमें उपस्थित महिला जनप्रतिनिधियों और अन्य महिलाओं के ब्लड शुगर एवं रक्तचाप (बीपी) की जाँच की गई। साथ ही डॉक्टरों ने महिलाओं को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के आवश्यक परामर्श दिए।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले के कई वरिष्ठ राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक पदों पर आसीन हस्तियों ने सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, वरिष्ठ नेता व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रूद्रेश परस्ते, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जनपद अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दिव्यांश चौधरी, पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, न्यायाधीश श्री मुग्धा कुमार और विधिक सहायता अधिकारी दीपिका तारन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और सैकड़ों महिला जनप्रतिनिधियाँ मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की इस नवाचार पहल की जमकर सराहना की और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक मील का पत्थर बताया।
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