डिण्डौरी (शहपुरा): जिला डिण्डौरी के शहपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के निर्देशन और शहपुरा एसडीओपी के मार्गदर्शन में यह पूरी कार्रवाई की गई है।
कब और कैसे हुई घटना: घटनाक्रम के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 की रात्रि को पुलिस को मुखबिर से खास सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन के जरिए भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना शहपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया और संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान, जब पुलिस ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वाहन को तेज रफ्तार से भगाना शुरू कर दिया। शहपुरा-जबलपुर मुख्य मार्ग (NH-45) पर विक्की ढाबा के पास चालक वाहन से अपना नियंत्रण खो बैठा, जिससे पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया [cite: प्रेस नोट, समनापुर में नाबालिगों को खुलेआम बेची जा रही शराब!। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली, तो त्रिपाल के नीचे अंग्रेजी शराब की पेटियां भरी हुई मिलीं। नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति और रोशनी की कमी के कारण पुलिस ने हाइड्रा क्रेन की मदद से वाहन को सीधा करवाया और थाने ले आई।
क्या-क्या हुआ बरामद और कौन है आरोपी: थाना परिसर में विधिवत जांच करने पर वाहन से कुल लगभग 1500 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस द्वारा जप्त किए गए कुल मसरूका में लगभग 1500 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब (कीमत ₹16,03,040), एक पिकअप वाहन (कीमत ₹10,00,000) और एक मोबाइल फोन (कीमत ₹10,000) शामिल है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 26 लाख 13 हजार 40 रुपये है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी वाहन चालक मोहम्मद परवेज खान (पिता मोहम्मद नियाज खान, उम्र 30 वर्ष, निवासी मोती नाला, अशफाक उल्ला खान वार्ड, थाना हनुमानताल, जबलपुर) ने खुलासा किया कि यह शराब उसे शहडोल निवासी ज्वाला सिंह ने जबलपुर के राजेश तक पहुंचाने के लिए दी थी।
क्यों और किस धारा के तहत हुई कार्रवाई: अवैध शराब के इस अवैध परिवहन और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद परवेज खान तथा सह-आरोपियों ज्वाला सिंह एवं राजेश के खिलाफ थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 415/2026, आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के पूरे स्रोत, परिवहन श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की गहराई से विवेचना कर रही है। इस पूरी सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी अनुराग जामदार और उनकी पूरी पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही है।
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