डिंडोरी जिले ने आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभियान में गाड़े सफलता के झंडे, प्रदेश के शीर्ष 5 जिलों में बनाई मजबूत जगह

 


डिंडोरी जिले ने अपनी बेहतरीन कार्यशैली और प्रशासनिक मुस्तैदी का एक और शानदार उदाहरण पेश किया है। स्कूली बच्चों के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना "विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार" के अंतर्गत डिंडोरी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में अपनी विशेष जगह बनाई हैइस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) और नए आधार नामांकन को सुगम बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई असुविधा न हो।

डिंडोरी जिले में इस योजना के सफल क्रियान्वयन और उत्कृष्ट प्रदर्शन पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मध्य प्रदेश क्षेत्र के निदेशक सुमित मिश्रा ने जिला कलेक्टर और उनकी पूरी टीम को पत्र लिखकर हार्दिक सराहना और बधाई दी है। इस अभियान की सफलता में जिला शिक्षा विभाग और डीईजीएस (DEGS) की टीम का योगदान भी बेहद सराहनीय रहा हैप्रशासन के इस उत्कृष्ट समन्वय से यह उम्मीद जताई जा रही है कि डिंडोरी जिला आगे भी इस प्रकार के जनहितैषी अभियानों में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।

इस संबंध में डिंडोरी जिले की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि


यह उपलब्धि पूरे जिले के शिक्षा विभाग, खासकर मैदानी स्तर से जुड़े स्टाफ की मेहनत का असर है कि डिंडोरी प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में शामिल है। उन्होंने इस सफलता के क्रम (मोमेंटम) को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों और स्टाफ को निर्देशित किया है और कहा है कि जब तक हम अपने लक्ष्य को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर लेते, वे समय-समय पर इसकी समीक्षा करती रहेंगी। इसके साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल जरूर भेजें, क्योंकि शिक्षा से ही उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

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