डिंडौरी | 23 फरवरी, 2026 रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला (सत्य प्रहार न्यूज़)
मध्य प्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी रबी विपणन वर्ष 2026-27 की नई पंजीयन नीति के अनुसार डिंडौरी जिले में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। इस योजना के तहत जिले के किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए 7 फरवरी 2026 से पंजीयन कार्य शुरू किया जा चुका है, जो आगामी 7 मार्च 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए जिले भर में व्यापक इंतजाम किए हैं।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले की विभिन्न बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से कुल 21 केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों में डिंडोरी, सरहरी, शाहपुर, समनापुर, चांदरानी, कुकर्रामठ, छांटा, निघोरी (भानपुर), अमरपुर, गाडासरई, करंजिया, परसेल, बजाग, शहपुरा, बरगांव, गोरखपुर, बिछिया, मानिकपुर (शहपुरा), कठोतिया, चांदपुर और मेहदवानी को शामिल किया गया है। इन सभी केंद्रों पर सुचारू रूप से कार्य संपन्न कराने और पंजीयन प्रक्रिया की सख्त निगरानी के लिए किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के कृषि विस्तार अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने जिले के समस्त किसान भाइयों से पुरजोर अपील की है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपने निकटतम पंजीयन केंद्र पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। किसानों के पास पंजीयन के दो विकल्प मौजूद हैं। वे या तो अपनी समीपस्थ सहकारी समिति के केंद्र पर जाकर नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं, या फिर अपनी सुविधानुसार किसी भी एमपी ऑनलाइन सेंटर अथवा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर मात्र 50 रुपये का शुल्क अदा कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
सत्य प्रहार न्यूज़ सभी किसानों को सलाह देता है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। शासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोई भी पात्र किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसानों की सहायता के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी हर केंद्र पर उपलब्ध रहेंगे।
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