डिंडौरी | 12 जनवरी, 2026 जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 'धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान' की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने की।
563 गांवों के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बैठक में सख्त निर्देश दिए कि जिले के चयनित 563 गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए तत्काल ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य जनहित है, इसलिए विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख विभागों को मिले विशेष निर्देश:
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के लिए विकास का खाका खींचा गया:
विद्युत विभाग: ऐसे गांव जहां अभी तक बिजली की लाइनें नहीं पहुंची हैं, वहां सोलर पैनल के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
BSNL: ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए बंद पड़े टावरों को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग (बंधन योजना): वन समितियों और वन ग्रामों के निवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 35 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया गया है (प्रति 3 हजार की आबादी पर एक केंद्र)।
उद्योग विभाग: ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले में 35 प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर कलेक्टर श्री जे पी यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी, विभिन्न अनुभागों के एसडीएम (शहपुरा, डिंडौरी, बजाग), सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री राजेन्द्र कुमार जाटव सहित लोक निर्माण, शिक्षा, मत्स्य, पशुपालन और पीएचई विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: 'धरती आबा' अभियान के तहत डिंडौरी जिले के आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार के नए अवसर पैदा कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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