कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने शासकीय कार्यों में शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग, मेहंदवानी में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्री अब्दुल रफीक खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कर्मचारी पर आंगनवाड़ी भर्ती और अनाथ बच्चों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं में अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के हितग्राहियों को भी नहीं बख्शा
जांच में यह बेहद गंभीर मामला सामने आया है कि श्री अब्दुल रफीक खान ने न केवल नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से नियुक्ति आदेश के बदले राशि की मांग की, बल्कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद/स्पॉन्सरशिप योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में भी सेंध लगाई। यह योजना उन बच्चों के लिए है जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। आरोप है कि इन आश्रित बच्चों को मिलने वाली आर्थिक मदद के एवज में कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन और नगद माध्यम से वसूली की गई।
ऑडियो-वीडियो वायरल होने पर हुई पुष्टि
उक्त कर्मचारी के भ्रष्टाचार से संबंधित कई ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए:
- 29 दिसंबर 2025: परियोजना अधिकारी मेहंदवानी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- 30 दिसंबर 2025: कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत जवाब को प्रशासन ने असंतोषजनक और झूठा पाया।
- 04 जनवरी 2026: कदाचरण की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने निलंबन आदेश जारी किए।
कड़ा प्रशासनिक संदेश
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री खान का यह कृत्य 'मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965' का खुला उल्लंघन और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, डिंडोरी नियत किया गया है।
"शासन की संवेदनशील योजनाओं, विशेषकर बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।" — जिला प्रशासन, डिंडोरी
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