नरिया, डिंडोरी।
डिंडोरी-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 45) के चौड़ीकरण और नरिया में नवनिर्मित CM Rise स्कूल की बिल्डिंग को लेकर चल रहा गतिरोध अब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सुलझता नजर आ रहा है। स्कूल की बाउंड्री वॉल और भवन का कुछ हिस्सा हाईवे की जद में आने के कारण निर्माण कार्य में तकनीकी अड़चनें आ रही थीं।
विवाद का मुख्य कारण
NHAI का पक्ष: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि सड़क का निर्माण पूर्व निर्धारित और अधिसूचित नक्शे के अनुसार ही किया जा रहा है। उनके अनुसार, सड़क की चौड़ाई मानकों के अनुरूप रखना अनिवार्य है।
स्कूल की स्थिति: वहीं दूसरी ओर, नरिया का CM Rise स्कूल अभी हाल ही में बनकर तैयार हुआ है। यह शासन का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जिस पर करोड़ों की लागत आई है। यदि इसका हिस्सा तोड़ा जाता है, तो न केवल सरकारी धन की हानि होगी, बल्कि यहाँ पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर भी सीधा प्रभाव पड़ेगा।
कलेक्टर का कड़ा रुख और संवेदनशीलता
आज डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए मौके पर पहुँचकर मुआयना किया। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और इस बात पर जोर दिया कि विकास की प्रक्रिया में शिक्षा के मंदिरों का नुकसान नहीं होना चाहिए।
कलेक्टर ने मौके पर दिए ये निर्देश:
समन्वय का निर्देश: NHAI के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विभाग से चर्चा करें।
वैकल्पिक समाधान: कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे हाईवे का निर्माण भी न रुके और स्कूल की नवनिर्मित बिल्डिंग को भी कोई आंच न आए।
जनहित सर्वोपरि: उन्होंने कहा कि शासन की संपत्ति और बच्चों का भविष्य दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, इसलिए तकनीकी बारीकियों को दोबारा चेक कर निर्माण कार्य में आवश्यक बदलाव की संभावनाएँ तलाशी जाएं।
कलेक्टर के इस कदम से स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। अब गेंद NHAI के पाले में है कि वे अपनी डिजाइन में ऐसा क्या सुधार करते हैं जिससे प्रगति और शिक्षा दोनों साथ-साथ चल सकें।
Source PRO Dindori

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