जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में जिले के विकास का खाका खींचा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजु जितेन्द्र ब्यौहार, सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाना रहा।
बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मनरेगा, आजीविका मिशन और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गति बढ़ाई जाए और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
नियम और प्रक्रिया के पालन पर उठती रही हैं शंकाएं प्रशासनिक स्तर पर ऐसी समीक्षा बैठकें विकास के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती हैं, किंतु अक्सर यह जनचर्चा का विषय रहता है कि क्या इन निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर उसी रूप में हो पा रहा है? जिले की ग्राम पंचायतों और ब्लॉक कार्यालयों की स्थिति को लेकर समय-समय पर मीडिया के माध्यम से ऐसी आशंकाएं जताई जाती रही हैं कि शासन द्वारा आवंटित धन का व्यय निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं हो पा रहा है।
अक्सर यह खबरें चर्चा में रहती हैं कि कभी नाश्ते के नाम पर, कभी कागजी खानापूर्ति (फोटोकॉपी), कभी एलईडी लाइट लगवाने तो कभी मनरेगा और सड़क निर्माण जैसे कार्यों में वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े होते हैं। कई बार ऐसी परिस्थितियां भी सामने आती हैं जिनसे यह आभास होता है कि प्रक्रियात्मक खामियों का लाभ उठाकर कुछ विशेष हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। यद्यपि हर बार जांच और कार्यवाही के आश्वासन दिए जाते हैं, किंतु किसी ठोस नजीर की कमी के कारण वित्तीय अनुशासन को लेकर जनता के मन में संशय बना रहता है। विशेषकर नल-जल अभियान की पूर्णता, नहरों की सफाई और ग्रामीण स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर धरातलीय स्थिति और सरकारी दावों के बीच के अंतर को लेकर अक्सर आशंकाएं व्यक्त की जाती रही हैं।
प्रशासनिक नेतृत्व से सुशासन की आस जिले को अब नए जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी के कार्यकौशल से काफी उम्मीदें हैं। जनमानस में यह अपेक्षा है कि उनके नेतृत्व में जिले में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की एक ऐसी मिसाल कायम होगी, जिससे शासकीय धन का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। यदि प्रशासन इन अनियमितताओं की आशंकाओं पर लगाम लगाने में सफल होता है, तो यह जिले के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
सत्य प्रहार की विशेष पहल: वस्तुस्थिति से रूबरू कराने का संकल्प
'सत्य प्रहार' की टीम जल्द ही पूरे जिले का दौरा कर हर ग्राम पंचायत की वास्तविक स्थिति का जायजा लेगी। हमारा उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच के सेतु को मजबूत करते हुए वस्तुस्थिति को सबके सामने लाना है।
हम आपसे अपील करते हैं कि इस सकारात्मक पहल से जुड़ें। यदि आपके ग्राम में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कोई ऐसी जानकारी है जिसे आप प्रशासन तक पहुँचाना चाहते हैं, तो हमें अवश्य लिखें। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आपका नाम पूर्णतः गुप्त रखा जाएगा।
जुड़िये हमारी इस पहल से... "खबर आपकी - प्रहार हमारा" सत्य प्रहार
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