डिंडौरी : 11 दिसंबर, 2025
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएलसीसी (जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में बैंकों के साख, जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) की निराशाजनक स्थिति और विभिन्न शासकीय स्वरोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई, जिसके बाद कलेक्टर ने सभी बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
साख-जमा अनुपात में सुधार की आवश्यकता
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने बैंकों को निर्देशित किया कि जिले का साख-जमा अनुपात मात्र 49 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को कृषि क्षेत्र और लघु उद्योग क्षेत्र सहित सभी प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण वितरण में तेज़ी लानी होगी ताकि जिले की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्य दिसंबर तक शत प्रतिशत पूरे करें
कलेक्टर ने विभिन्न शासकीय स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और सख्त निर्देश दिए कि:
पीएमएफएमई, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक क्रेडिट लिंकेज, पीएम स्वनिधि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना जैसी सभी योजनाओं में प्राप्त लक्ष्यों को दिसंबर माह तक शत प्रतिशत पूर्ण किया जाए।
श्रीमती भदौरिया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि लक्ष्य पूर्ति करने में लापरवाही करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत श्री पंकज जैन, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर, आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी श्री एस सरवन, सांसद प्रतिनिधि श्री नरेन्द्र राजपूत, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री राजेन्द्र कुमार जाटव, तथा कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य विभाग के जिला अधिकारी सहित सभी विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित रहे।
0 टिप्पणियाँ