जिला अस्पताल में चूहा मार दवा खाने से भर्ती हुए युवक के इलाज में कथित लापरवाही का मामला - पूरी खबर सिर्फ सत्य प्रहार न्यूज पर

 





डिंडोरी जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कल चूहा मार दवा खाने के बाद भर्ती हुए युवक के इलाज में सेलाइन की जगह मिनरल वॉटर की बोतल का इस्तेमाल किया गया। 
डिंडोरी जिला अस्पताल में चूहा मार दवा खाने से भर्ती हुए युवक के इलाज में कथित लापरवाही का मामला गहराता जा रहा है। 
पूरा घटनाक्रम कल दोपहर लगभग 2:05 बजे शुरू हुआ, जब 18 वर्षीय सत्यम यादव (पिता कपूर) को चूहा मार दवा (Rat Poison) खाने के कारण गंभीर हालत में जिला अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया था। इलाज के दौरान सामान्य सेलाइन की जगह 2 लीटर की मिनरल वॉटर की बोतल से 'स्टमक वॉश' किए जाने का गंभीर आरोप लगा, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।

हमारी exclusive पड़ताल और रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मरीज का नाम सत्यम यादव पिता कपूर निवासी डिंडोरी है वह कल दोपहर 2:00 बजे अपने इलाज के लिए भर्ती हुआ था इस पूरे मामले को लेकर जब ड्यूटी नर्स भावना से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर   भरत साहू  ने मरीज के परिजन से दो लीटर की मिनरल वाटर की बोतल मंगवाई थी और उसे सेलाइन की जगह उपयोग करने के लिए कहा था। नर्स का कहना है कि उसने ऐसा करने से मना करते हुए कहा था कि उसने पहले कभी ऐसा नहीं किया है, जिसके बाद डॉक्टर साहब ने खुद यह कहते हुए मदद की कि "मैं हेल्प करता हूँ" और सेटअप तैयार किया,मामले से जुड़े डॉक्टर भरत साहू अस्पताल  में नहीं मिले  । 

हालांकि, अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। CMHO का दावा है कि घटना के दिन ही पुलिस को लिखित तहरीर दे दी गई थी, लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि पुलिस को सूचना मिली थी, तो अब तक पीड़ित सत्यम यादव का कोई आधिकारिक बयान दर्ज क्यों नहीं किया गया? अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार मरीज कल शाम लगभग 6:30 बजे LAMA यानी 'लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस' (चिकित्सकीय सलाह के खिलाफ जाना) कराकर अस्पताल से रवाना हो गया।

दूसरी ओर, सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि अस्पताल चौकी में सूचना दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब युवक की तलाश कर रही है ताकि उसके बयान दर्ज किए जा सकें कि आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया था।  

वहीं, जब इस गंभीर मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे से आज चर्चा की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर माना कि मिनरल वाटर से  ट्रीटमेंट करना बिल्कुल भी सही नहीं है। सीएमएचओ ने आज हुई जांच के बाद कहा है कि यह एक गंभीर चूक है और जांच के आधार पर दोषी डॉक्टर व स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से एसडीएम राम बाबू देवांगन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


📣 प्रामाणिक खबरें सबसे पहले पाएं!

Satyaprahar.space को Bookmark करें! 🔗

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Crafted by Abhilash Shukla and distributed by Virat Multi Services