हमारी exclusive पड़ताल और रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मरीज का नाम सत्यम यादव पिता कपूर निवासी डिंडोरी है वह कल दोपहर 2:00 बजे अपने इलाज के लिए भर्ती हुआ था इस पूरे मामले को लेकर जब ड्यूटी नर्स भावना से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर भरत साहू ने मरीज के परिजन से दो लीटर की मिनरल वाटर की बोतल मंगवाई थी और उसे सेलाइन की जगह उपयोग करने के लिए कहा था। नर्स का कहना है कि उसने ऐसा करने से मना करते हुए कहा था कि उसने पहले कभी ऐसा नहीं किया है, जिसके बाद डॉक्टर साहब ने खुद यह कहते हुए मदद की कि "मैं हेल्प करता हूँ" और सेटअप तैयार किया,मामले से जुड़े डॉक्टर भरत साहू अस्पताल में नहीं मिले ।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। CMHO का दावा है कि घटना के दिन ही पुलिस को लिखित तहरीर दे दी गई थी, लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि पुलिस को सूचना मिली थी, तो अब तक पीड़ित सत्यम यादव का कोई आधिकारिक बयान दर्ज क्यों नहीं किया गया? अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार मरीज कल शाम लगभग 6:30 बजे LAMA यानी 'लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस' (चिकित्सकीय सलाह के खिलाफ जाना) कराकर अस्पताल से रवाना हो गया।
दूसरी ओर, सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि अस्पताल चौकी में सूचना दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब युवक की तलाश कर रही है ताकि उसके बयान दर्ज किए जा सकें कि आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया था।
वहीं, जब इस गंभीर मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे से आज चर्चा की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर माना कि मिनरल वाटर से ट्रीटमेंट करना बिल्कुल भी सही नहीं है। सीएमएचओ ने आज हुई जांच के बाद कहा है कि यह एक गंभीर चूक है और जांच के आधार पर दोषी डॉक्टर व स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से एसडीएम राम बाबू देवांगन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

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