डिंडोरी जिला अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान के निलंबन के विरोध में शनिवार को गुस्साए नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निलंबन तत्काल बहाल करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से यह जानकारी दी गई कि बीते 22 जुलाई को एक मरीज को जहरीला पदार्थ का सेवन करने के बाद अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया था। ड्युटी पर तैनात डॉक्टर के सख्त निर्देशों के पालन में मरीज के पेट की सफाई यानी गैस्ट्रिक लेवेज की प्रक्रिया पूरी तरह से अस्पताल के निर्धारित नियमों के अनुसार की गई थी। हालांकि, इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान को निलंबित कर दिया।
नर्सिंग स्टाफ ने इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई बिना किसी निष्पक्ष जांच के और उनका पक्ष सुने बिना ही मनमाने तरीके से कर दी गई। नर्स मनोरमा सोनवानी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि नर्सिंग स्टाफ हमेशा डॉक्टरों के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करता है, लेकिन पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी नर्स पर निलंबन की गाज गिरी है जबकि की गई आंतरिक जांच में किसी भी स्तर पर स्टाफ की कोई गलती सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि उच्चाधिकारी छोटे कर्मचारियों पर आसानी से और बिना सोचे-समझे कार्रवाई कर देते हैं, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
विवाद बढ़ता देख सूचना मिलते ही सिविल सर्जन और वरिष्ठ डॉक्टरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर नाराज नर्सों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष डॉ. अरुणेंद्र गौतम और डॉ. रमेश मरावी ने बीच-बचाव करते हुए नर्सों से चर्चा की और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद फिलहाल प्रदर्शन को आगामी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस पूरे मामले को लेकर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरुणेंद्र गौतम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक नर्सिंग ऑफिसर का निलंबन वापस नहीं लिया जाता है, तो अस्पताल के डॉक्टर भी खुलकर नर्सों के समर्थन में उतर आएंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल व विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
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