डिंडौरी राशन दुकान बनी पाठशाला - शिक्षक -प्रस्ताव बीआरसी कार्यालय को दो साल पहले ही भेजे जा चुके

 



डिंडौरी विकासखंड के ग्राम खुरपार में पिछले दो सालों से सरकारी स्कूल पर ताला लगा हुआ है और राशन दुकान पाठशाला बनी हुई है,  एकीकृत माध्यमिक शाला खुरपार के  बच्चे उचित मूल्य दुकान के कमरों और बरामदे में खाद्यान्न के बोरों के बीच बैठकर अपना भविष्य संवारने को मजबूर हैं।  सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूरी खबर जिले के तमाम प्रशासनिक अफसरों के संज्ञान में लंबे समय से है,  छत से प्लास्टर गिरने और हादसे की आशंका के कारण शिक्षकों को मूल भवन छोड़कर राशन दुकान के दो कमरों का सहारा लेना पड़ा। आज छठी और सातवीं की कक्षाएं तंग कमरों में चल रही हैं, जबकि आठवीं के बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।

 इस अव्यवस्था को लेकर जब स्कूल के माध्यमिक शिक्षक चंद्र कुमार वनवासी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि शाला भवन की स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता है, जिससे बच्चों का बैठना असंभव हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में फोटो और प्रस्ताव बीआरसी कार्यालय को दो साल पहले ही भेजे जा चुके हैं। राशन दुकान में कुल 58 बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाने में भारी परेशानी आती है और राशन वितरण वाले दिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए रविवार को राशन बंटवाने का तालमेल बनाया गया है।

📣 प्रामाणिक खबरें सबसे पहले पाएं!

Satyaprahar.space को Bookmark करें! 🔗

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Crafted by Abhilash Shukla and distributed by Virat Multi Services