FIR के बाद भी बेखौफ आरोपी! जान के खतरे की आशंका पर SP दफ्तर पहुंची पीड़िता




डिंडौरी जिले के अंतर्गत गाड़ासरई थाना क्षेत्र के प्रेम नगर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ पड़ोसियों के आपसी विवाद के बाद एक परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। पीड़िता शिवकुमारी गोसाई अपने पति राजेश कुमार गोसाई और अपनी मासूम बच्ची के साथ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचीं और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय एवं सुरक्षा की गुहार लगाई।

इस पूरे विवाद की जड़ में पारिवारिक व सामाजिक परिस्थितियाँ भी जुड़ी हुई हैं। पीड़िता शिवकुमारी के पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश गोसाई का बचपन में ही देहांत हो गया था। उनकी 50 वर्षीय माता चंद्रवती गोसाई प्रेम नगर गाड़ासरई में अकेली रहती हैं। शिवकुमारी अपनी मां की इकलौती संतान हैं और वर्तमान में विक्रमपुर क्षेत्र में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। विवाह के बाद बाहर रहने के कारण वे अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल के लिए बीच-बीच में गाड़ासरई आती-जाती रहती हैं।

घटनाक्रम के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायत और बयानों के अनुसार, सार्वजनिक हैंडपंप और घर के आसपास गंदगी फैलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले सलमा बानो, रफ़ीका बानो और उनके पति शमीम खान द्वारा घर के पास स्थित पूजा स्थल और मंदिर के ठीक सामने जानबूझकर गंदगी, कचरा तथा मांस व हड्डियों के टुकड़े फेंके जाते हैं। जब इस बात का विरोध किया गया तो आरोपियों द्वारा पीड़िता और उनकी बुजुर्ग मां चंद्रवती गोसाई के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गैंती-फावड़ा लेकर घर में घुसने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकियां दी गईं।

इस मामले में गाड़ासरई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, गाड़ासरई थाने में अपराध क्रमांक 0223/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296(b) (अश्लील हरकतें या गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) तथा धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।

थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद, पीड़िता का कहना है कि जमीनी स्तर पर कोई ठोस और सख्त पुलिस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और क्षेत्र में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित पीड़िता को अंततः SP कार्यालय की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) आशीष खरे ने आवेदन को संज्ञान में लिया है और स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों के बीच पूर्व से विवाद की बात सामने आई है। SP आशीष खरे के निर्देश पर संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायती बिंदुओं और संलग्न साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर विधिसम्मत और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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