डिंडौरी। जिले में पिछले दिनों जारी हुई शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट के बाद एक तकनीकी और प्रशासनिक नियम का मामला सामने आया है। असल में,भोपाल मुख्यालय से डिंडौरी जिले के कुल 291 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए थे, जिनमें से 39 शिक्षक ऐसे पाए गए जिनकी ड्यूटी आगामी राष्ट्रीय जनगणना कार्य में लगी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य की निरंतरता बनाए रखने के लिए इसमें तैनात किसी भी शिक्षक का तबादला 31 मार्च 2027 तक पूरी तरह प्रतिबंधित है इसी नियम के तहत इन 39 शिक्षकों के तबादलों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की गई।
इस पूरे मामले को लेकर जनजातीय कार्य विभाग (ट्राइबल डिपार्टमेंट) के प्रमुख और सहायक आयुक्त (एसी) राजेंद्र जाटव ने बताया कि इस राष्ट्रीय नियम और आदेशों के तहत फिलहाल इन 39 शिक्षकों को कार्यमुक्त करने पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग पूरी तरह से नियमों के दायरे में काम कर रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इस मसले पर जब हमारे द्वारा जनगणना अधिकारी एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन से चर्चा की गई, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिन शिक्षकों का भोपाल से भी ट्रांसफर हुआ था और उनकी जनगणना में ड्यूटी लगी थी, उन सभी की रिलीविंग पर रोक लगा दी गई है।
तवादलों के इस घटनाक्रम के बीच जिले के भीतर के स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन की एक दूसरी प्रक्रिया भी चल रही है। सहायक आयुक्त राजेंद्र जाटव ने बताया कि जिले के भीतर जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी या जो स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहे थे, वहां व्यवस्था सुधारने के लिए जिले के अंदर ही प्रशासनिक स्तर पर शिक्षकों के फेरबदल किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कुल 103 स्कूलों में यह समस्या बनी हुई थी। इसी को दुरुस्त करने के लिए जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात थे, वहां से उन्हें इन कमी वाले स्कूलों में भेजा गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे। प्रशासनिक स्तर पर लिए गए इन निर्णयों से जहां एक ओर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य की निरंतरता सुनिश्चित की गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
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