30.90 करोड़ के नए संदीपनी स्कूल में पहली ही बारिश ने खोली पोल: कक्षाओं में सीलन और बरामदे में पानी, विधायक ने निर्माण एजेंसी पर उठाए बड़े सवाल

डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खुड़िया में नवनिर्मित संदीपनी विद्यालय परिसर में पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। करीब 30 करोड़ 90 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस भव्य और आधुनिक विद्यालय भवन का उद्घाटन बीते 15 जुलाई को ही प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी द्वारा नरिया संदीपनी स्कूल से ऑनलाइन किया गया था। इस स्कूल भवन का निर्माण पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराया गया है। विद्यालय में नर्सरी से दसवीं कक्षा तक लगभग 560 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं, जिन्हें नए शैक्षणिक सत्र के तहत जुलाई माह में ही पुरानी बिल्डिंग से इस नई इमारत में शिफ्ट किया गया था। लेकिन मानसून की पहली बारिश शुरू होते ही यहां की व्यवस्थाओं की असल तस्वीर सामने आने लगी है।

30.90 करोड़ के नए संदीपनी स्कूल में पहली ही बारिश ने खोली पोल: कक्षाओं में सीलन और बरामदे में पानी, विधायक ने निर्माण एजेंसी पर उठाए बड़े सवाल


विद्यालय की कक्षाओं की दीवारों में गंभीर रूप से सीलन आने लगी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि बारिश के दौरान टपकती बूंदों से स्कूलों के बरामदे में भी पानी भर जाता है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों के फिसलकर चोटिल होने का डर लगातार बना रहता है। स्कूल के प्रिंसिपल अमर सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पहले स्कूल पुरानी बिल्डिंग में सुचारू रूप से चल रहा था और जुलाई महीने में ही इसे नए भवन में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को कई बार फोन करके इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, जिस पर ठेकेदार ने कुछ काम तो जरूर करवाया, लेकिन अभी भी कई कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं।

विद्यालय भवन के इन बदतर हालातों की जानकारी मिलते ही बुधवार को शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे  निरीक्षण करने के लिए मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इतनी जल्दबाजी में किसी भी भवन का उद्घाटन करवाना बिल्कुल भी उचित नहीं था, क्योंकि उद्घाटन से पहले स्कूल परिसर की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए थीं। विधायक ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि डिंडौरी जिला मुख्यालय में पीडब्ल्यूडी, पीआईयू और आरईएस जैसी कई सक्षम और स्थानीय एजेंसियां मौजूद हैं, इसके बावजूद पुलिस हाउसिंग बोर्ड का एक भी जिम्मेदार कर्मचारी डिंडौरी में नहीं रहता है। उन्होंने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी ने आपस में मिलकर बहुत ही घटिया स्तर का काम किया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मौके से ही जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट तुरंत शासन को भेजें। इसके साथ ही विधायक ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे इस गंभीर लापरवाही को लेकर भोपाल में उच्च स्तर पर सरकार के समक्ष भी इस बात को प्रमुखता से रखेंगे।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में जब पुलिस हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर अनुराग द्विवेदी - भवन के निर्माण में अभी कुछ छोटी-मोटी कमियां और त्रुटियां रह गई हैं, जिन्हें संबंधित ठेकेदार से कहकर जल्द ही पूरा और दुरुस्त करवाया जा रहा है। बहरहाल, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शुरुआती बारिश में ही शासकीय भवन की ऐसी दशा जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।

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