शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में लापरवाही व वित्तीय अनियमितता बरतने वाले मैदानी अमले के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं जनमन आवास) के कार्यों में लगातार लचर प्रगति और उच्चाधिकारियों की बैठकों से नदारद रहने वाले परियोजना अधिकारी की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र में पुलिया निर्माण में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है, और कार्यों के मूल्यांकन व माप पुस्तिका संधारित करने के एवज में पैसे की मांग करने वाले उपयंत्री को भी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अन्य पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी द्वारा उठाए गए इन कड़े कदमों से लापरवाह अमले में हड़कंप मच गया है।
परियोजना अधिकारी पर ऐसे गिरी गाज
जनपद पंचायत करंजिया के अंतर्गत पदस्थ परियोजना अधिकारी सीएस सिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेहद न्यून प्रगति मिलने के कारण सुधार के उद्देश्य से पूर्व में संलग्न किया गया था। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि उन्होंने न तो आवास योजना की सतत मॉनिटरिंग की और न ही उच्च स्तर पर आयोजित होने वाली दैनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यालयीन रिकॉर्ड के मुताबिक, वे अप्रैल में केवल 2 दिवस, मई में 4 दिवस और जून तथा जुलाई 2026 के पूरे माह अनुपस्थित रहे। बिना किसी सूचना के मुख्यालय से नदारद रहने और पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर उदासीनता बरतने के कारण उन्हें पहले भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए थे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के संविदा नियुक्ति नियमों के तहत यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
पुलिया निर्माण में वित्तीय अनियमितता पर सचिव निलंबित
दूसरी ओर, जनपद पंचायत करंजिया की ग्राम पंचायत सैनगुड़ा के ग्राम सैरहा में शिवनार नाले पर निर्मित पुलिया के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। जांच में पाया गया कि पुलिया निर्माण की कुल स्वीकृत राशि 13.59 लाख रुपये थी, जिसमें 1.91 लाख रुपये मजदूरी और 11.68 लाख रुपये सामग्री मद के लिए आवंटित थे। निर्माण कार्य तकनीकी दिशा-निर्देशों के विपरीत कराए जाने के साथ ही मजदूरी मद से अतिरिक्त राशि व्यय कर दी गई और मनरेगा पोर्टल पर भी गलत प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इस गंभीर वित्तीय लापरवाही और पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहने पर जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत सैनगुड़ा के सचिव शंकर आर्मो को मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के प्रावधानों के तहत निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत करंजिया निर्धारित किया गया है।
पैसे की मांग करने वाले उपयंत्री को नोटिस और अन्य पर सेवा समाप्ति की तलवार
जिले में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों पर भी प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जनपद पंचायत डिंडौरी के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में तकनीकी मार्गदर्शन तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उपयंत्री फिरोज खान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जारी पत्र के अनुसार, उपयंत्री के सेक्टर के हितग्राहियों द्वारा शिकायत की गई है कि निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका कार्यालय में रखी जाती है और कार्य का मूल्यांकन दर्ज किए जाने के एवज में रुपयों की मांग की जा रही है। राशि नहीं दिए जाने पर माप पुस्तिका का विधिवत संधारण नहीं किए जाने तथा मजदूरी एवं सामग्री का भुगतान लंबित रहने की शिकायत भी सामने आई है। इस कृत्य को पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही और स्वेच्छाचारिता मानते हुए तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, शिवनार नाले में गुणवत्ताहीन पुलिया के निर्माण को लेकर मैदानी अमले की कार्यप्रणाली पर पहले ही सवाल खड़े हो चुके हैं, जिसके चलते संबंधित उपयंत्री और सहायक यंत्री को पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उपयंत्री की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय को प्रेषित किया गया है, और सहायक यंत्री के विरुद्ध भी कलेक्टर स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है,

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