रक्षाबंधन के पावन पर्व पर डिण्डौरी जिले से एक बेहद खास और भावनात्मक पहल सामने आई है। यहाँ शासकीय स्कूलों में अपनी सेवाएँ दे रही व्यावसायिक प्रशिक्षक यानी वीटी (VT) बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारतीय डाक के जरिए सुंदर राखी और एक स्नेहिल पत्र भेजा है। इन प्रशिक्षक बहनों ने मुख्यमंत्री को भाई का दर्जा देते हुए अपनी राखी स्वीकार करने का आग्रह किया है, साथ ही अपने उज्ज्वल भविष्य और अधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस निर्णय लेने की पुरजोर अपील भी की है।
दस वर्षों की लंबी सेवा के बावजूद नहीं बढ़ा मानदेय
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में इन प्रशिक्षकों ने अपने संघर्ष की दास्तान साझा करते हुए बताया है कि वे पिछले लगभग 10 वर्षों से शासकीय विद्यालयों में नवीन व्यावसायिक शिक्षा यानी एनएसक्यूएफ (NSQF) के अंतर्गत विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाकर उनके भविष्य को संवारने में जुटी हुई हैं। लेकिन इतने लंबे सेवाकाल के बाद भी उनके मानदेय में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान समय में इन प्रशिक्षकों को महज 20 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिल रहा है और वे मजबूरी में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अपनी सेवाएँ देने को विवश हैं।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं प्रमुख माँगें
बहनों ने अपने इस विशेष संदेश के माध्यम से प्रदेश के मुखिया से कुछ बेहद अहम और न्यायसंगत माँगें रखी हैं। उनका कहना है कि उनके मानदेय को कम से कम दोगुना कर 38,600 रुपये से 40 हजार रुपये तक किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हर साल महँगाई के अनुपात में वेतनवृद्धि का प्रावधान करने और बीच की आउटसोर्स व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करके 62 वर्ष की आयु तक पूर्ण सेवा सुरक्षा देने वाली एक स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करने की माँग उठाई है।
सवैतनिक मातृत्व अवकाश और सीधे भुगतान की गुहार
पत्र में सिर्फ मानदेय तक ही सीमित न रहकर महिला कर्मचारियों से जुड़े अन्य अधिकारों पर भी जोर दिया गया है। प्रशिक्षकों ने सवैतनिक मातृत्व अवकाश, चिकित्सा लाभ और बीच के माध्यमों को हटाकर सीधे स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से हर महीने समय पर मानदेय का भुगतान किए जाने की व्यवस्था की गुहार लगाई है। इन बहनों को पूरी उम्मीद है कि रक्षाबंधन पर भेजी गई यह राखी मुख्यमंत्री को उनके पिछले 10 वर्षों के समर्पण और त्याग की याद दिलाएगी, और प्रदेश सरकार उनकी इन जायज़ मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए उन्हें सुरक्षा और आत्मसम्मान का बड़ा उपहार प्रदान करेगी।

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