डिंडौरी: स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य व बाल संरक्षण समीक्षा बैठक

 

डिंडौरी: स्वास्थ्य व बाल संरक्षण समीक्षा बैठक

डिंडौरी में स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति, जिला बाल संरक्षण समिति तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति (वन स्टॉप सेंटर) की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई, ताकि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक के पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा संबल बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सेंटर में कुल 218 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकांश मामले 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से संज्ञान में आए। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने निर्देश दिए कि सेवा से संकल्प अभियान, जन सेवा शिविरों और महिला जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सफल परामर्श के मामलों की सक्सेस स्टोरीज को साझा करने पर जोर दिया ताकि संकट में फंसी महिलाओं को समय पर कानूनी, चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।

बाल संरक्षण मामलों में संवेदनशीलता और संबल जिला बाल संरक्षण समिति की समीक्षा के दौरान बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड में लंबित व निराकृत प्रकरणों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े सभी मामलों में अत्यधिक संवेदनशीलता बरती जाए। इसके साथ ही, पीएम केयर्स और कोविड-19 महामारी से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी सफलता की कहानियों को प्रसारित करने के निर्देश दिए ताकि इन बच्चों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की समीक्षा बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसमें 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के नए बच्चों का पंजीयन, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) और पोषण ट्रैकर पोर्टल की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय गतिविधियों की सतत निगरानी की जाए और कुपोषण तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए मैदानी स्तर पर ठोस प्रयास किए जाएं।

इस संयुक्त बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर सहित महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

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