पशुधन संरक्षण और डेयरी विकास को नई गति देने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 

पशुधन संरक्षण और डेयरी विकास को नई गति देने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

डिंडौरी में पशुधन संरक्षण और डेयरी विकास को नई गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए मैदानी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

उपचार और टीकाकरण में डिंडौरी की उत्कृष्ट उपलब्धि समीक्षा के दौरान आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक पशु उपचार के लिए तय किए गए 1 लाख 21 हजार 50 के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 23 हजार 150 पशुओं का सफल उपचार किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। इसी तरह, पशु टीकाकरण के मामले में तो जिले ने और भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2 लाख 89 हजार 690 के लक्ष्य के विरुद्ध 5 लाख 17 हजार 903 पशुओं का टीकाकरण किया, जो कुल लक्ष्य का 179 प्रतिशत है।

प्रमुख योजनाओं और किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा बैठक में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना और लखपति गौपालक दीदी योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इसके अलावा, वर्ष 2026-27 के लिए नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लक्ष्यों और उनकी पूर्ति, मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा, कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स सॉर्टेड सीमन के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों तक पहुंचे।

गौशालाओं के विकास और साफ-सफाई पर विशेष जोर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत गौशालाओं को आदर्श रूप में विकसित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें और पशु चिकित्सक रोजाना गौशालाओं का दौरा कर मवेशियों के स्वास्थ्य की निगरानी करें। पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के लिए हर गौशाला में सूचना पटल (साइनबोर्ड) लगाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर मवेशियों की संख्या और कर्मचारियों के नाम दर्ज हों। साथ ही, विभागीय कार्यालयों और परिसरों में भी साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए ताकि कार्य संस्कृति में और अधिक सुधार हो सके।

बैठक में उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. आर.एम.भरमुदे सहित विभाग के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

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