डिंडोरी के मासूम दिलों को मिली नई उम्मीद: 60 बच्चों की हुई जांच, 5 गंभीर मरीज हायर सेंटर के लिए चिन्हित




राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय डिंडोरी में नि:शुल्क बाल हृदय स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमेश मरावी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक विक्रम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैम्प का नेतृत्व आरबीएसके के जिला समन्वयक ओम प्रकाश उरैती ने किया। मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा चिन्हित किए गए जिले के विभिन्न विकासखंडों के कुल 60 बच्चों का इस विशेष शिविर में पंजीयन कर उनकी ईको जांच की गई। ब्लॉक स्तर पर अमरपुर से 8, डिंडोरी से 36, मेंहदवानी से 8, समनापुर से 4 और शहपुरा से 4 बच्चों को शिविर तक लाया गया था।

मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के. एल. उमामहेश्वर द्वारा की गई गहन ईको जांच के दौरान 5 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) की पुष्टि हुई। इनमें से 3 बच्चों को आगे के बेहतर इलाज के लिए मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर और 2 बच्चों को अति-गंभीर स्थिति के चलते मुंबई के उच्च चिकित्सा संस्थान (हायर सेंटर) के लिए अनुशंसित किया गया है। पूरी जांच और परामर्श की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क संपन्न हुई, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य आयोजन को सफल बनाने में आयुष चिकित्सक डॉ. आकाश सिन्द्राम, डॉ. मुकेश परते, डॉ. ऋषिकेश सिंह, डॉ. हर्षवर्धन सिंह धुर्वे, डॉ. नागेश मानिकपुरी, डॉ. प्रभात अवधिया, डॉ. बलराम सिंह उईके, डॉ. डॉली चौधरी, एएनएम कविता पटेल, किरण सोनी तथा डीईआईसी स्टाफ से पूजा बर्मन का सराहनीय और सक्रिय योगदान रहा।

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