डिंडौरी में राजस्व अभिलेखों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और गंभीर कदाचरण के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर कार्यालय के अभिलेखागार में प्रतिलिपिकार के पद पर कार्यरत सहायक ग्रेड-2 श्री शरत कोष्टा की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के कड़े आदेश जारी किए हैं। भू-अभिलेखागार से सुविधा शुल्क लेकर राजस्व अभिलेखों की कतरनें सीधे उपलब्ध कराने और पैसों के लेनदेन की बात सामने आई थी। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर कार्यालय द्वारा श्री शरत कोष्टा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और 31 जुलाई 2026 को जारी इस नोटिस के जवाब में उनका स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्राप्त जवाब का बारीकी से अवलोकन करने के बाद उनका स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषप्रद पाया गया, जिसके चलते उनके इस गैर-जिम्मेदाराना आचरण को प्रशासनिक नियमों के विरुद्ध माना गया। इस पूरे प्रकरण में मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 10 के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार तहसील कार्यालय डिंडौरी और कलेक्टर कार्यालय के अभिलेखागार में अपनी सेवाएं दे रहे सहायक ग्रेड-2 श्री शरत कोष्टा की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है और यह नया आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे क्षेत्र में लागू कर दिया गया है।

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