क्राइम सीन पर ही खुलेगी हर साजिश की परत, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से लैस मोबाइल वैन से अपराधियों की अब खैर नहीं
डिण्डौरी की कानून व्यवस्था और आपराधिक अनुसंधान के इतिहास में आज एक नया और क्रांतिकारी अध्याय जुड़ गया है. अब अपराधियों के लिए अपने गुनाह के निशान छिपाना आसान नहीं होगा, क्योंकि डिण्डौरी पुलिस को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एक हाई-टेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिल चुकी है. पुलिस मुख्यालय भोपाल की तकनीकी शाखा द्वारा मध्य प्रदेश के चुनिंदा जिलों में वैज्ञानिक अधिकारियों के लिए यह विशेष सौगात भेजी गई है, जिसके तहत आज दिनांक 19 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी आशीष खरे ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से इस अत्याधुनिक वैन को विधिवत हरी झंडी दिखाकर सीधे कार्यक्षेत्र के लिए रवाना कर दिया है.
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एसडीओपी डिण्डौरी सतीश द्विवेदी, एसडीओपी बजाग विवेक कुमार गौतम, रक्षित निरीक्षक अखिल द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गाप्रसाद नगपुरे और एमटीओ शंभू मरावी सहित अन्य अमला पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित नजर आया.
गंभीर वारदातों की तह तक पहुंचने में अब नहीं होगी देरी
वैन को रवाना करने के दौरान पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने अपनी प्रसन्नता साझा करते हुए बताया कि इस वैन के मिलने से जिले में होने वाली गंभीर और पेचीदा आपराधिक वारदातों के खुलासे में अभूतपूर्व तेजी आएगी. अक्सर देखने में आता था कि ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में हुई घटनाओं के दौरान साक्ष्य जुटाने में समय लगता था या कई बार साक्ष्य नष्ट होने का खतरा रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्यों की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, दस्तावेजीकरण और सुरक्षित पैकेजिंग की जा सकेगी, जो आगे चलकर माननीय न्यायालय में अभियोजन पक्ष के लिए एक अचूक हथियार साबित होगी.
हत्या, लूट और बलात्कार जैसे संगीन मामलों में साबित होगी अचूक
पुलिस विभाग के अनुसार, इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन का मुख्य उपयोग हत्या, डकैती, लूट, चोरी, नकबजनी, बलात्कार जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों के अलावा अज्ञात शवों की गुत्थी सुलझाने में किया जाएगा. प्रशिक्षित जिला वैज्ञानिक अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम अब सीधे मौके पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट्स उठाने, डीएनए सैंपल लेने और अन्य भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित करने का काम तुरंत शुरू कर सकेगी, जिससे अपराधियों के बचने के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे.
जांच के हर मोर्चे पर मुस्तैद हाई-टेक लैब ऑन व्हील
यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन किसी चलती-फिरती अत्याधुनिक हाई-टेक लैबोरेटरी से कम नहीं है. इसमें एक ही छत के नीचे वे तमाम आधुनिक उपकरण और किट मौजूद हैं जो एक बारीकी से की जाने वाली इन्वेस्टिगेशन के लिए जरूरी होते हैं. इस वैन के भीतर हाई-रिजॉल्यूशन डीएसएलआर कैमरे, सीसीटीवी और अन्य डिजिटल निगरानी उपकरण, ऑन-द-स्पॉट रिपोर्ट तैयार करने के लिए लैपटॉप व प्रिंटर, डीएनए सैंपल कलेक्शन और प्रिजर्वेशन किट, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, नारकोटिक्स डिटेक्शन किट तथा विभिन्न प्रकार की आधुनिक इन्वेस्टिगेशन सामग्रियां करीने से सजाई गई हैं. इन सभी उन्नत संसाधनों के जरिए मौके पर ही प्राथमिक वैज्ञानिक परीक्षण और नमूनों का सुरक्षित संकलन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
अपराध नियंत्रण की दिशा में मील का पत्थर
डिण्डौरी पुलिस का यह कदम यह साबित करता है कि अब पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा रही है. एसपी आशीष खरे के नेतृत्व में डिण्डौरी पुलिस ने जिस तरह से तकनीक को मैदानी अमले तक पहुंचाया है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में अपराधियों की खैर नहीं है और पीड़ितों को कम समय में सटीक न्याय मिल सकेगा.
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