डिंडौरी, 16 अगस्त 2026
स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना और अदम्य साहस की प्रतीक अमर शहीद रानी अवंती बाई जी के बलिदान को याद करते हुए डिंडौरी जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने ग्राम बालपुर (शाहपुर) स्थित उनके ऐतिहासिक स्मारक स्थल पर पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने स्मारक परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और वीरांगना के विचारों को पल्लवित करने का संदेश दिया।
मातृभूमि के प्रति समर्पण और अदम्य साहस को किया नमन
कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने वीरांगना रानी अवंती बाई जी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने रानी साहिबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष, स्वाभिमान और देशप्रेम का जज्बा हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय है।
विधायक श्री धुर्वे ने अपने संबोधन में कहा,
"वीरांगना रानी अवंती बाई जी का जीवन सिर्फ एक इतिहास का पन्ना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का वह प्रज्वलित दीप है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाली ऐसी महान वीरांगना का यह स्मारक हमारे लिए प्रेरणा का मुख्य केंद्र है।"
पर्यावरण का संदेश: स्मारक परिसर में हुआ पौधारोपण
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों के साथ मिलकर पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि शहीदों की पावन स्मृति को चिरस्थायी बनाने और प्रकृति को हरा-भरा रखने के लिए पौधारोपण से बढ़कर दूसरा कोई कार्य नहीं हो सकता। रोपे गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी इस दौरान उपस्थित लोगों द्वारा लिया गया।
जनसैलाब और भाजपा कार्यकर्ताओं की रही विशेष उपस्थिति
इस गरिमामयी आयोजन में डिंडौरी जिले के शाहपुर विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम बालपुर में भारी संख्या में ग्रामीणजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भारत माता और वीरांगना रानी अवंती बाई के जयकारे लगाते हुए उनके शौर्य, पराक्रम और बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा वीरांगना के बताए हुए मार्ग पर निष्ठापूर्वक चलने का संकल्प लिया। बालपुर का यह पूरा प्रांगण देशभक्ति के नारों और वीरांगना रानी अवंती बाई के जयघोष से गूंज उठा।


0 टिप्पणियाँ