डिंडौरी: जिले में मानसून के सक्रिय होने और लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी रहने के कारण जलसंरचनाओं का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में शाहपुरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण बिलगांव बांध का जलस्तर खतरे के निशान और सुरक्षा मानकों के दायरे को संतुलित रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कैचमेंट (जलग्रहण) क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के बाद बांध के अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। कल यानी 17 अगस्त 2026 को प्रातः 8 बजे बिलगांव बांध के दो मुख्य द्वार (गेट) खोले जाएंगे, जिसे लेकर जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
5 सेंटीमीटर खोले जाएंगे दो गेट, 4.89 क्यूमेक होगा पानी का डिस्चार्ज
जल संसाधन विभाग से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन सुरक्षा के एहतियाती उपायों के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। कल सुबह ठीक 8:00 बजे बांध के दो गेटों को 5-5 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोला जाएगा। इस तय प्रक्रिया के जरिए बांध से लगभग 4.89 क्यूमेक की गति से पानी का नियंत्रित डिस्चार्ज किया जाएगा। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश थमने के बजाय और अधिक तेज होती है, तो जल स्तर के दबाव को कम करने के लिए गेटों को आवश्यकतानुसार और अधिक खोला जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया पर स्थानीय प्रशासनिक अमले की पैनी नजर बनी हुई है।
शाहपुरा और मेहंदवानी विकासखंड के इन गांवों पर रहेगा विशेष प्रभाव
बांध के गेट खोले जाने के बाद नदी और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पानी के बहाव क्षेत्र में आने वाले सभी संवेदनशील गांवों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस जल निकासी से शाहपुरा विकासखंड के दर्जनों गांव प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से बिलगांव, पिपरिया, अमढेरा, बलगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडी सरई, डुंडी सरई, चांटी, चंडवाही और कारीगढ़हरी शामिल हैं। इसके अलावा मेहंदवानी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले पिंडरई, कटराई और फुलवाही गांव के ग्रामीणों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन की अपील: पानी के तेज बहाव क्षेत्र से दूर रहें नागरिक
संभावित खतरे और अप्रिय घटनाओं को टालने के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन ने आम जनमानस, पशुपालकों और किसानों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में बांध के डाउनस्ट्रीम यानी जल प्रवाह क्षेत्र, उफनती नदियों और पुल-पुलियों के आसपास बिल्कुल न जाएं। बच्चों को पानी के स्रोतों से दूर रखने की सख्त हिदायत दी गई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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