डिंडौरी में CMHO का बड़ा एक्शन: औचक निरीक्षण में ताले लटके मिले, 2 HWC कर्मियों का कटेगा वेतन और नोटिस जारी

 


सत्य प्रहार न्यूज़ (डिजिटल डेस्क), डिंडौरी। डिंडौरी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरातल पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे ने जिले की विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई के दौरान जहां कुछ केंद्रों पर भारी अनियमितताएं और ताले लटके पाए गए, वहीं स्वास्थ्य विभाग के इस कड़े कदम से लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। CMHO ने मौके पर ही कड़ी कार्रवाई करते हुए गैर-जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं

अचानक पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी, ताले लटके मिले तो दिए सख्त निर्देश

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, CMHO डॉ. मनोज पांडे ने जिले के दूर-दराज इलाकों में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (HWC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मैदानी स्थिति परखने के लिए निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केंद्रों में साफ-सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिल रही बुनियादी सुविधाएं और सबसे महत्वपूर्ण—स्वास्थ्य कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति की जांच करना था

इस औचक निरीक्षण के दौरान जब प्रशासनिक टीम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर औरई और जल्द मुडिया पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। यह दोनों ही स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बंद पाए गए और वहां ताला लटका हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का इस तरह ठप होना बेहद गंभीर मामला माना गया। इसके विपरीत, HWC सक्का खुला हुआ मिला, जहां दैनिक कार्य संचालित हो रहे थे

CHO और ANM का कटेगा 1 दिन का वेतन, थमाया जाएगा कारण बताओ नोटिस

बंद पाए गए स्वास्थ्य केंद्रों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए CMHO डॉ. मनोज पांडे ने त्वरित दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने HWC औरई एवं HWC जल्द मुडिया में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) और एएनएम (ANM) को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के आदेश दिए हैं

इसके साथ ही, अपने कर्तव्य स्थल से गायब रहने और बिना सूचना केंद्र बंद रखने के एवज में संबंधित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन अवैतनिक (Salary Deduction) करने के स्पष्ट निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में जब HWC इमलाई का निरीक्षण किया गया, तो वहां पदस्थ ANM भी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। CMHO ने इमलाई की ANM के खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं

किसलपुरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे CMHO, मरीजों से सीधा संवाद कर जाना हाल

औचक निरीक्षण के इस अभियान के दौरान CMHO डॉ. मनोज पांडे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) किसलपुरी भी पहुंचे। किसलपुरी केंद्र खुला पाया गया और वहां नियमित रूप से काम-काज संचालित हो रहा था

डॉ. पांडे ने परिसर का निरीक्षण करने के बाद सीधे इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि क्या उन्हें डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं तो नहीं लिखी जा रही हैं, मुफ्त दवाएं व जांच की सुविधा मिल रही है या नहीं, और अस्पताल में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ का व्यवहार कैसा है। मरीजों द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं के आधार पर उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक सुधार के दिशा-निर्देश दिए

RBSK/RKSK समन्वयक रहे मौजूद, व्यवस्थाओं का बारीकी से किया विश्लेषण

इस पूरे औचक निरीक्षण अभियान के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के जिला समन्वयक ओम प्रकाश उरेती भी CMHO के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की और जमीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में रिपोर्ट तैयार की। टीम ने संयुक्त रूप से केंद्रों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण का बारीकी से विश्लेषण किया

स्वास्थ्य विभाग की दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लगातार जारी रहेंगे औचक निरीक्षण

निरीक्षण के अंत में CMHO डॉ. मनोज पांडे ने जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों, CHO, ANM और स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा सीधे आम जनता के जीवन और आरोग्यता से जुड़ा हुआ संवेदनशील विषय है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लेट-लतीफी या अनुपस्थिति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

"सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने-अपने केंद्रों में उपस्थित रहकर आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करें। जिले में औचक निरीक्षण का यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा। यदि भविष्य में भी कोई केंद्र बंद पाया जाता है या कर्मचारी गैर-हाजिर मिलते हैं, तो और अधिक कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"

डॉ. मनोज पांडे, CMHO डिंडौरी

इस सख्त कार्रवाई के बाद से जिला स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप का माहौल है और सभी मैदानी कर्मचारियों को समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश लागू कर दिए गए हैं

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