डिंडौरी। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही जिले में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय ने आम जनता से अपील की है कि सांप के काटने पर किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर कीमती समय न गंवाएं, बल्कि मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) ही सर्पदंश का एकमात्र प्रभावी और प्रमाणित उपचार है, जो समय पर मिलने से मरीज की जान बचा सकता है।
जिले के नागरिकों की सुविधा के लिए जिला चिकित्सालय डिंडौरी सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिनमें अमरपुर, बजाग, करंजिया, डिंडौरी, समनापुर, मेंहदवानी और शहपुरा शामिल हैं, में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है। सर्पदंश होने पर मरीज को शांत रखना चाहिए और प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए। इसके साथ ही पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करना चाहिए। यदि संभव हो तो सांप के रंग या उसकी पहचान को याद रखें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने की कोशिश में समय न गंवाएं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय ने बताया कि सांप के काटने पर प्रभावित स्थान पर चीरा लगाने, जहर चूसने या अत्यधिक कसकर रस्सी बांधने जैसी गलतियां बिल्कुल न करें और न ही घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठें।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने भी ग्राम स्तर पर विशेष निर्देश जारी किए हैं कि सर्पदंश की सूचना मिलते ही आशा कार्यकर्ता तुरंत खंड चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से पीड़ित को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराकर समय पर इलाज सुनिश्चित कराएं। वर्षा ऋतु के इस मौसम में सभी नागरिकों को अपने खेतों और घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, रात में अनिवार्य रूप से टॉर्च का उपयोग करने और बच्चों को भी इसके प्रति जागरूक करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
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