डिंडौरी प्रशासनिक बुलेटिन 27/07/26 “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान ,वर्षाकाल में वज्रपात से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी


नशामुक्त डिंडौरी की ओर बढ़ते कदम और जनजागरूकता कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के मार्गदर्शन में जिले में संचालित “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के अंतर्गत सोमवार को जिले के सभी विकासखंडों में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर शपथ ग्रहण, जागरूकता रैलियों, जनसंवाद तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में भी एक बड़ी बाधक के रूप में सामने आता है

विक्रमपुर पुलिस चौकी में आयोजित हुआ विशेष शपथ ग्रहण समारोह इसी क्रम में डिंडौरी विकासखंड अंतर्गत पुलिस चौकी विक्रमपुर में एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन एवं एसडीओपी श्री अजय तिवारी की विशेष उपस्थिति में नशामुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस चौकी परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित नागरिकों ने पूरी निष्ठा के साथ नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उपस्थित सभी लोगों ने यह शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे और समाज में नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर अधिकारियों ने नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी देते हुए युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने, शिक्षा, खेल और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया

विभिन्न विकासखंडों में निकाली गई भव्य जागरूकता रैलियां व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जनपद पंचायत अमरपुर, समनापुर, करंजिया, बजाग, मेंहदवानी एवं शहपुरा सहित जिले के समस्त विकासखंडों में भव्य जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इन रैलियों में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमले, छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। प्रतिभागियों ने नशामुक्ति संबंधी संदेश लिखी हुई तख्तियां और आकर्षक बैनर लेकर आमजन को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर नशामुक्ति संबंधी शपथ ग्रहण, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं संवाद आयोजित करके लोगों को यह समझाया गया कि नशे की लत व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक जीवन पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव डालती है और परिवार तथा समाज में अनेक विकट समस्याओं को जन्म देती है

प्रशासन की नागरिकों से अपील और जनआंदोलन का स्वरूप जिला प्रशासन ने समस्त नागरिकों से सादर अपील की है कि वे नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण जनजागरूकता अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करें तथा अपने परिवार, गांव एवं समाज को पूर्णतः नशामुक्त बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें। प्रशासन ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया है कि वे शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर एक स्वस्थ और आदर्श जीवनशैली अपनाएं। इस अभियान के माध्यम से यह प्रेरणा दी गई है कि केवल सामूहिक सहभागिता और जन-जन की जागरूकता से ही एक नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जाना पूरी तरह संभव है

वर्षाकाल में वज्रपात से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

सतर्कता और सावधानी से टल सकती हैं वज्रपात की दुर्घटनाएं: सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे



वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली यानी वज्रपात की घटनाओं में लगातार वृद्धि को देखते हुए डिंडौरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे ने जिलेवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने और पूरी तरह सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मानसून के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी और सूझबूझ से वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से होने वाली जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं को काफी हद तक टाला जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मानसून के इन दिनों में खासकर दोपहर एवं शाम के समय वज्रपात की आशंका सबसे अधिक होती है। ऐसे में गरज-चमक शुरू होते ही खुले स्थानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, टेलीफोन पोल, धातु के ढांचों तथा जल स्रोतों से तुरंत दूर हो जाना चाहिए और किसी पक्के सुरक्षित भवन या आश्रय स्थल में शरण लेनी चाहिए। नागरिकों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि इस दौरान ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, साइकिल या अन्य खुले वाहनों का उपयोग करने से बिल्कुल बचें। इसके अलावा घरों में भी बिजली के उपकरणों को मुख्य विद्युत आपूर्ति से अलग रखें तथा मोबाइल, टेलीविजन और अन्य विद्युत उपकरणों का अनावश्यक इस्तेमाल करने से परहेज करें।

यदि कोई व्यक्ति अचानक किसी खुले क्षेत्र में फंस जाए और आसपास कोई सुरक्षित पक्का भवन न हो, तो उसे सबसे ऊंची वस्तु बनने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में जमीन पर बिल्कुल न लेटें, बल्कि दोनों पैरों को पास-पास रखकर और सिर को घुटनों के बीच सुरक्षित कर उकडू बैठ जाएं। सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने यह भी निर्देश दिए हैं कि परिवारों को छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं संवेदनशील सदस्यों का विशेष ख्याल रखना चाहिए तथा आकाशीय बिजली की गर्जना समाप्त होने के बाद भी कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर ही रहना चाहिए।

यदि दुर्भाग्यवश कोई व्यक्ति वज्रपात की चपेट में आ जाता है या प्रभावित हो जाता है, तो घबराने के बजाय उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दें और 108 एम्बुलेंस की मदद से तुरंत निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचाएं, जहां प्रशासन द्वारा उपचार की पूरी और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने डिंडौरी जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल में मौसम विभाग की चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें, पूरी सतर्कता बरतें और खुद के साथ-साथ अपने परिवार व आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने में अपनी सहभागिता निभाएं क्योंकि जन-जागरूकता ही इस प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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