8 IAS का केंद्र में डेपुटेशन पर फंसा पेंच , आखिर कौन है ये अधिकारी??

 


मध्य प्रदेश प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ राज्य के 8 आईएएस अधिकारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी (NOC) का इंतजार कर रहे हैं। इन अधिकारियों का यह इंतजार पिछले तीन से चार महीनों से लगातार बना हुआ है, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारों के अनुसार केंद्र सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी (JS) के रूप में empaneled होने के लिए 2009 बैच के अधिकारियों को पहले डायरेक्टर के रूप में कार्य करना अनिवार्य होता है और अब केंद्र सरकार ने 2010 बैच के अधिकारियों को भी ज्वॉइंट सेक्रेटरी के रूप में empaneled करना शुरू कर दिया है। इसी प्रक्रिया और नियमों के कारण केंद्र में जाने के इच्छुक अधिकारियों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।

इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में कई वरिष्ठ और युवा आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मनीष सिंह (1997 बैच), अभिजीत अग्रवाल (2010 बैच), सौरभ कुमार सुमन और मोहित बुंदस (2011 बैच), रोहित सिंह और हर्षिका सिंह (2012 बैच), तथा अमनबीर सिंह और मयंक अग्रवाल (2013 बैच) केंद्र में अपनी सेवाएं देने के इच्छुक हैं। मोहित बुंदस 21 मई 2018 से 24 दिसंबर 2018 तक डिंडौरी जिले के कलेक्टर रहे हैं , इनमें से कुछ अधिकारियों ने नियमानुसार राज्य सरकार को अपने आवेदन भेज दिए हैं तो कुछ अधिकारियों ने कार्मिक विभाग और मुख्य सचिव के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर की है। राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही ये सभी अधिकारी औपचारिक तौर पर आगे की प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि अमनबीर सिंह का चयन लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के लिए हुआ है, लेकिन राज्य से एनओसी न मिलने के कारण वे वहां भी नहीं जा पा रहे हैं। इस वर्ष केवल दो अधिकारी पी. नरहरि (2001 बैच) और राहुल फटिंग हरिदास (2021 बैच) ही केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जा पाए हैं। इसके उलट स्थिति यह भी देखने को मिली है कि केंद्र सरकार ने स्वतंत्र कुमार सिंह और श्रिमान शुक्ला को एनओसी मिलने के बावजूद अपनी प्रतिनियुक्ति पर नहीं लिया है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की इस प्रक्रिया पर अब सबकी निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि समय पर एनओसी न मिलने से अधिकारियों के करियर की केंद्रीय योजनाओं और समय-सीमा पर असर पड़ रहा है।

📣 प्रामाणिक खबरें सबसे पहले पाएं!

Satyaprahar.space को Bookmark करें! 🔗

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Crafted by Abhilash Shukla and distributed by Virat Multi Services