डिंडौरी कलेक्टर की दो टूक: योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में कोताही बर्दाश्त नहीं

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 डिंडौरी, 21 सितंबर 2026: जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने प्रशासनिक मशीनरी को कड़े निर्देश दिए हैं कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डिंडौरी जिले में जनहित से जुड़े कार्यों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबे समय से अटकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान किया जाए। ई-विकास प्रणाली 2.0 के तहत यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता और सुचारू वितरण की भी बारीकी से मॉनिटरिंग की गई। कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्मार्ट फिश पार्लर स्थापना, शहपुरा जलाशय में केज स्थापना और पशु टीकाकरण की भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की गई।

स्वरोजगार और अधोसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, भगवान बिरसा मुंडा योजना और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। नगर परिषद शहपुरा और डिंडौरी के सीएमओ को समग्र आईडी तथा ई-केवायसी के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) तथा जल निगम द्वारा निर्मित की जा रही पानी की टंकियों के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के शेष कार्यों को पूरा कर पोर्टल पर फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही 2 अक्टूबर 2026 तक सभी कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, राजस्व, वन और श्रम विभागों की समीक्षा करते हुए टीबी मरीजों को दवा वितरण, आयुष्मान कार्ड निर्माण, कुपोषित बच्चों के उपचार, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वनाधिकार अधिनियम के तहत फौती नामांतरण के मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए गए।

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