जिला स्तरीय पेंशनर समिति की बैठक और पेंशनर्स के खातों में राशि अंतरण
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पेंशनर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को बेहद कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस और विशेष कारण के किसी भी स्थिति में किसी भी पेंशनर की पेंशन नहीं रोकी जानी चाहिए। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों से कहा कि "कल आप भी सेवानिवृत्त होंगे, यदि पेंशन के लिए आपको कार्यालय के चक्कर काटने पड़ें तो आपको कैसा लगेगा…?" उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन उनके जीवन का मुख्य सहारा होती है। शासकीय सेवा में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी की यह जिम्मेदारी है कि वे सेवानिवृत्ति से पहले अपनी सेवा पुस्तिका और अन्य सभी अभिलेखों को पूरी तरह दुरुस्त और अद्यतन रखें ताकि सेवानिवृत्ति के उपरांत पेंशन तथा अन्य स्वत्वों के भुगतान में किसी प्रकार की अड़चन न आए। बैठक में प्रत्येक शनिवार को आगामी छह माह में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री द्वारा किए गए सीधे प्रसारण के माध्यम से प्रदेशभर के 35.42 लाख पेंशनर्स के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए लगभग 212.87 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इसी कड़ी में डिंडौरी जिले के 71,845 पेंशनर्स के खातों में कुल 43 लाख 10 हजार 700 रुपये की राशि सफलतापूर्वक अंतरित की गई।
कलेक्टर द्वारा ई.व्ही.एम. गोदाम का त्रैमासिक निरीक्षण
डिंडौरी की कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिला मुख्यालय पर स्थित ई.व्ही.एम. गोदाम का त्रैमासिक और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम और गोदाम की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी, अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता तथा ईवीएम व अन्य निर्वाचन सामग्री के सुरक्षित भंडारण का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर ने गोदाम के प्रवेश एवं निकास रजिस्टर, सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सील की स्थिति की भी गहनता से जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के तय मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। गोदाम परिसर की नियमित साफ-सफाई और फायर सेफ्टी उपकरणों की समय-समय पर मॉक ड्रिल व जांच करने के निर्देश भी दिए गए ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न बचे। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर जे.पी. यादव और डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन सहित अन्य अमला मौजूद रहा।
ग्राम ठाड़पथरा में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जागरूकता कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान एवं मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में विकासखंड करंजिया के बैगा बाहुल्य ग्राम ठाड़पथरा में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों, अभिभावकों और समुदाय के अन्य सदस्यों को बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं ने बालिकाओं की उत्तम शिक्षा सुनिश्चित करने, उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा समाज में अभिशाप बन चुके बाल विवाह की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने के तौर-तरीके समझाए गए। वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी के कर्मचारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए इस बात पर बल दिया कि बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा केवल किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बजाग में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक
आकांक्षी विकासखंड बजाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति के साथ-साथ आकांक्षी विकासखंड के स्वास्थ्य संबंधी 7 प्रमुख इंडिकेटर्स की बेहद बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राज कुमार डोंगरे, जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर दिलीप कछवाहा, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर धुर्वे, नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक फेलो डॉ. विकास जैन सहित अन्य मैदानी अधिकारी और एएनएम उपस्थित रहीं। आगामी 6 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे मजबूत माइक्रो प्लान तैयार करें ताकि 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और किशोर-किशोरियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत एल्बेंडाजोल की गोली खिलाना शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही, अन्य प्रदेशों या क्षेत्रों से पलायन कर डिंडौरी लौटे श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच पर विशेष फोकस करते हुए सभी मजदूरों की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच कराने को कहा गया। लगातार खांसी के लक्षण मिलने पर तुरंत बलगम और आरडीटी जांच कराते हुए टीबी व अन्य संक्रामक रोगों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के वास्ते हर गर्भवती महिला का 90 दिन के भीतर पंजीयन और सभी जरूरी जांचें समय पर पूरी कराने को कहा गया। जिन गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन 9 ग्राम से कम पाया जाए, उन्हें नियमानुसार आयरन सुक्रोज का डोज देने और जांच से पहले अनिवार्य रूप से सिकल सेल स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी सेक्टर कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के सिकल सेल मरीजों की लाइन लिस्ट रजिस्टर में संधारित करने तथा प्रसव के तुरंत बाद यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री और टीकाकरण सत्रों की लाइव फीडिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु टास्क फोर्स की बैठक
युवा विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या जैसी दुर्दांत घटनाओं की रोकथाम के लिए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में नेशनल टास्क फोर्स द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन, उच्च शिक्षण संस्थानों व कोचिंग सेंटरों में मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों तथा प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा की गई। जिले के सभी कोचिंग सेंटरों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने, कोचिंग हब व छात्र बहुल इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। शिक्षण संस्थानों के औचक निरीक्षण के वास्ते विशेष टीमों का गठन करने, निरीक्षण रिपोर्ट राज्य स्तरीय टास्क फोर्स को भेजने और हर संस्थान में अनिवार्य रूप से शिकायत पेटी लगाने के निर्देश दिए गए। प्राप्त शिकायतों का तय सीमा में निराकरण कर प्रत्येक माह की 10 तारीख तक एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रों के तनाव को दूर करने के लिए संस्थानों में एक मेंटर नियुक्त किया जाए जो नियमित रूप से युवाओं से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करे। इसके अलावा युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रखने के लिए खेलकूद, मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन पर जोर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए छात्र की किसी भी अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना तुरंत पुलिस को देने, आवासीय परिसरों में 24 घंटे चिकित्सीय सुविधा बहाल रखने और खाली पड़े पदों को भरने के निर्देश भी दिए गए।
स्वसहायता समूह से आत्मनिर्भर बनीं दुर्गावती तेकाम (सफलता की कहानी)
डिंडौरी जिले के ग्राम रयपुरा की रहने वाली श्रीमती दुर्गावती तेकाम ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनकर उभरी हैं। वे नाबार्ड शक्ति स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से 40,000 रुपये का ऋण प्राप्त कर एक मशीन सेंटर की दुकान की शुरुआत की थी। अपनी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और लगन के बल पर उन्होंने बैंक और समूह का पूरा ऋण समय पर चुका दिया। अपने इस सफल कारोबार को और अधिक विस्तार देने के लिए श्रीमती दुर्गावती तेकाम ने समूह से इस बार पुनः 60,000 रुपये का ऋण लिया है। वर्तमान समय में इस मशीन सेंटर के जरिए उन्हें हर महीने लगभग 10,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इस नियमित आमदनी से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार आया है और वे पूरी तरह से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। इस सफलता के लिए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित
संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी, मध्यप्रदेश शासन के माध्यम से जिले के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आधिकारिक ई-अनुदान डीबीटी पोर्टल पर किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। किसान भाई 24 सितंबर से लेकर 6 अक्टूबर 2026 तक इस योजना के तहत पोर्टल पर आवेदन दर्ज करा सकते हैं। इस अवधि के दौरान किसान श्रेडर/मल्चर, बेलर, स्लेशर, एसएमएस यानी स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हे रेक/स्ट्रॉ रेक और रोटोकल्टीवेटर जैसे आधुनिक यंत्रों के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिले के इच्छुक किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ सहायक कृषि यंत्री, डिंडौरी के नाम से निर्धारित धरोहर राशि जमा करनी होगी, जैसे- श्रेडर/मल्चर के लिए 5,500 रुपये, बेलर के लिए 15,000 रुपये, स्लेशर के लिए 2,000 रुपये, एसएमएस के लिए 3,500 रुपये, हे रेक के लिए 5,000 रुपये और रोटोकल्टीवेटर के लिए 2,500 रुपये की धरोहर राशि तय की गई है। इन कृषि यंत्रों पर शासन द्वारा 40 से 50 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें रोटोकल्टीवेटर पर अधिकतम 1 लाख रुपये, बेलर पर अधिकतम 2 लाख 39 हजार 500 रुपये और स्लेशर पर अधिकतम 27 हजार 500 रुपये तक की सहायता शामिल है। आवेदन हेतु आवेदक की बी-1 खतौनी, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और ट्रैक्टर की आरसी की कॉपी आवश्यक होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि यंत्री कार्यालय, समनापुर तिराहा, डिंडौरी में संपर्क कर सकते हैं।
0 टिप्पणियाँ